जमानिया कोतवाली के खिजिरपुर अलीनगर में युवक की गला रेतकर हुई हत्याकांड का पुलिस ने 36 घंटे में पर्दाफाश कर दो हत्यारोपियों को आलाकत्ल हथियार चाकू के साथ ताजपुर चट्टी से गिरफ्तार कर लिया। युवक की हत्या आशनाई में हुई थी। मृतक पड़ोस की एक युवती से प्रेम करता था और शादी करना चाहता था।
मंगलवार को एसपी रोहन पी बोत्रे पत्रकारों से बातचीत में बताया कि जुलाई को खिजिरपुर अलीनगर गांव निवासी अफसर उर्फ टीपू (22) की गला रेतकर हत्या करने के बाद शव सड़क के किनारे फेंक दिया था। इस मामले में मृतक के भाई असरफ की तहरीर पर पुलिस मुकदमा दर्जकर मामले की छानबीन में जुटी हुई थी। पुलिस टीम ने मृतक के परिजनों के बयान और छानबीन में प्रथमदृष्टया हत्या के पीछे आशनाई का मामला पाया। पुलिस और स्वाट टीम ने घटना स्थल से एकत्र साक्ष्य संकलन और मोबाइल नंबरों के छानबीन में पाया कि मृतक अफसर उर्फ टीपू करीब एक साल पहले से अपने पड़ोस की एक युवती से प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था। इस बात को लेकर उस परिवार से मृतक का झगड़ा भी हुआ था।
बीते 29 जुलाई को मृतक अफसर उर्फ टीपू ने मौका पाकर युवती से अपने प्यार का इजहार किया। इस बात की जानकारी युवती के भाइयों मेराज आलम और अरबाज को हुई। दोनों भाइयों ने टीपू की हत्या करने की योजना बनाई। घटना की रात हत्यारोपी मेराज ने टीपू को मोबाइल पर बात करते हुए मकान की छत से देख लिया और दूसरे भाई अरबाज को बताया। दोनों भाई घर के सामने वाले गलियारे में आये और मृतक असरफ उर्फ टीपू को दीवार से सटा कर गले पर चाकू से वार कर दिया। इससे मौके पर ही असरफ उर्फ टीपू गिर गया और अधिक खून बह जाने से मौत हो गई।
दोनों हत्यारोपियों को पुलिस टीम ने एक अगस्त की रात जमानिया कोतवाली के ताजपुर चट्टी से मुखबिर की सूचना पर धर-दबोचा। पुलिस अधीक्षक रोहन पी बोत्रे ने बताया कि हत्यारोपी अरबाज और मेराज को गिरफ्तार किया गया और उसकी निशानदेही पर आलाकत्ल चाकू और वारदात के समय पहने हुए कपड़े को बरामद किया गया। पूछताछ के बाद चालान कर दिया गया। गिरफ्तारी टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली जमानिया वंदना सिंह, उपनिरीक्षक कृपेंद्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल क्रान्ति सिंह पटेल, सुबाष यादव, शालिनी पाठक, उपनिरीक्षक सुनील तिवारी, हेडकांस्टेबल सुजीत सिंह आदि शामिल थे।