कासिमाबाद। बीएसएफ में भर्ती के लिए नोनहरा थाना क्षेत्र के मुसल्लहपुर गांव निवासी प्रवीण यादव दिल्ली में फिजिकल टेस्ट देने गया था। बुधवार को दौड़ के दौरान तेज धूप लगने से वह बेहोश होकर गिर गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक का शव शुक्रवार को गांव पहुंचते ही परिवार सहित गांव में शोक की लहर दौड़ गई। युवक का गाजीपुर स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव निवासी महेश सिंह यादव का छोटा पुत्र प्रवीण यादव (19) बीएसएफ में ट्रेडमैन के लिए प्रारंभिक परीक्षा पास कर चुका था। उसका फिजिकल टेस्ट 13 जून को दिल्ली स्थित छाबड़ा कैंप में था। घर से 11 जून की शाम को वह दिल्ली के लिए निकला था। 12 जून को दिल्ली पहुंच कर उसने परिजनों को सकुशल पहुंचने की सूचना दी थी। 13 जून को फिजिकल टेस्ट के लिए दौड़ पूरा करते ही ग्राउंड में वह मूर्छित होकर गिर गया। उसके मूर्छित होने की सूचना दो घंटे बाद बीएसएफ के अधिकारियों को मिली। सूचना मिलते ही आनन-फानन में बीएसएफ के जवान उसको पास के इंदिरा गांधी मेडिकल साइंस एंड इंस्टिट्यूट में ले गए। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बीएसएफ टीम ने परिजनों को घटना के संबंध में जानकारी देते हुए पूरी स्थिति से अवगत कराया। सूचना के बाद परिजनों ने दिल्ली पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम कराया। वहां से एंबुलेंस द्वारा बृहस्पतिवार की सुबह चले और शुक्रवार की सुबह मुसल्लहपुर पहुंचे। प्रवीण यादव का शव घर पहुंचते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वह दो भाई-बहन में सबसे छोटा था। बड़ी बहन अर्चना यादव की शादी हो चुकी है। बड़ा भाई शैलेश भी भर्ती की तैयारी में जुटा है।
परिजनों ने बताया कि प्रवीण यादव ने बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद से ही सेना में भर्ती के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। एक वर्ष की तैयारी के बाद वह बीएसएफ में ट्रेडमैन की भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट देने के लिए दिल्ली गया था। बेटे का शव देख मां पूनम यादव, पिता महेश यादव के साथ परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। मां पूनम यादव रोते हुए यही कहती रहीं कि मेरा लाल ने देश की सेवा का प्रण लिया था लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था।
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सपना रह गया अधूरा
प्रवीण अपने बड़े भाई शैलेश के साथ सेना में भर्ती होने की तैयारी पिछले एक साल से कर रहा था। बीएसएफ में ट्रेडमैन के लिखित परीक्षा पास करने के बाद फिजिकल टेस्ट देने के लिए वह जब घर से निकला तो परिजनों को विश्वास था कि उनका लाडला सफल होकर ही लौटेगा।