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ज्यादा खून बहने से युवक की मौत: पथरी का हुआ था ऑपरेशन, शव रोड पर रख ढाई घंटे तक चक्काजाम; तीन पर FIR

Wed, 02 Sep 2026 09:23 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।

सार

गाजीपुर में पथरी के ऑपरेशन के बाद अत्यधिक रक्तस्राव से युवक की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बारिश के बीच भुड़कुड़ा-जखनिया मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। एसडीएम और सीओ के समझाने पर करीब ढाई घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। मृतक के बड़े भाई ने अस्पताल संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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इसी अस्पताल में हुआ था ऑपरेशन और माैत। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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गाजीपुर में भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र के रामबन स्थित धनरावती हास्पिटल में पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के दौरान नस कटने से हुए अत्यधिक रक्तस्राव से राकेश यादव (26) की बुधवार को मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने भारी बारिश के बीच भुड़कुड़ा- जखनिया मार्ग पर सुबह 8.30 बजे शव रखकर जाम लगा दिया। साथ ही अस्पताल को सीज करने की मांग करने लगे। जानकारी होने पर पहुंचे जखनिया एसडीएम और भुड़कुड़ा सीओ ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया, इसके बाद दोपहर 2.30 बजे जाम समाप्त हुआ। मृतक के बड़े भाई ने अस्पताल संचालक डॉ. नंदलाल सहित तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।

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कोतवाल धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि बृंदावन गांव निवासी राजेश यादव ने तहरीर देकर जानकारी दी कि तबीयत खराब होने पर बीते 30 अगस्त को रामबन स्थित धनरावती हॉस्पिटल में छोटे भाई राकेश यादव को भर्ती कराया गया। जहां पित्त की थैली में पथरी होने पर सर्जरी बिना डिग्री धारक बहादुर, डॉ. संतोष ने मिलकर डॉ. नंदलाल के साथ किया। 
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आरोप लगाया सर्जरी के दौरान बगैर जानकारी के नस काट दिये, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। उन्होंने बताया कि बीते 31 अगस्त को तबीयत गंभीर हो गई। रक्तस्राव नहीं रूकने पर उपचार के लिए बीते एक सितंबर को भाई राकेश यादव को आजमगढ़ के रमा हॉस्पिटल भेजा गया। जहां इलाज के दौरान बुधवार की सुबह करीब सात बजे भाई राकेश यादव की मौत हो गई। 

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शव सड़क पर रखकर चक्काजाम करते लोग। - फोटो : संवाद
मौत के बाद परिजन शव को एंबुलेंस से लेकर रामबन स्थित धनरावती हॉस्पिटल पहुंचे। इसके बाद अस्पताल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने जब अस्पताल के कर्मियों से पूछताछ की तो विवाद बढ़ने लगा। आरोप लगाया कि अस्पताल के कर्मियों ने मारपीट शुरू कर दी, जिससे बृंदावन गांव निवासी सोनू यादव और सुजीत यादव के हाथ में गंभीर चोट आई। इसको देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और भुड़कुड़ा- जखनिया मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। 

सूचना पर पहुंची पुलिस के समझाने- बुझाने पर ग्रामीण नहीं माने और कार्रवाई की मांग अड़े रहे। जानकारी होते पर जखनिया एसडीएम अतुल कुमार और सीओ राधाकृष्ण तिवारी ने समझा- बुझाकर ढाई घंटे बाद जाम समाप्त कराया। कोतवाल धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि राजेश यादव की तहरीर पर धनरावती हॉस्पिटल संचालक डॉ. नंदलाल यादव सहित तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्जकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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आक्रोशित ग्रामीणों ने किया हंगामा, डॉक्टर की पिटाई
जखनिया। युवक राकेश यादव का शव देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। वह अस्पताल में घटना के बारे में पूछताछ करने लगे। इस दौरान इतना विवाद बढ़ गया कि हंगामा करने के साथ तोड़फोड़ करने लगे। साथ ही आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल संचालक डॉ. नंदलाल को भी मारने- पीटने लगे। डॉक्टर ने किसी तरह अस्पताल में भाग कर जान बचाई। इस दौरान हास्पिटल के कर्मचारियों के साथ आपस में मारपीट के दौरान मृतक के गांव के सोनू यादव व सुजीत यादव के हाथ में गंभीर चोट लगने से लहू लुहान हो गए, जिसे देखकर आक्रोशित लोगों ने चिकित्सालय में तोड़फोड़ करना शुरू कर दिया।
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