शव सड़क पर रखकर चक्काजाम करते लोग।
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मौत के बाद परिजन शव को एंबुलेंस से लेकर रामबन स्थित धनरावती हॉस्पिटल पहुंचे। इसके बाद अस्पताल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने जब अस्पताल के कर्मियों से पूछताछ की तो विवाद बढ़ने लगा। आरोप लगाया कि अस्पताल के कर्मियों ने मारपीट शुरू कर दी, जिससे बृंदावन गांव निवासी सोनू यादव और सुजीत यादव के हाथ में गंभीर चोट आई। इसको देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और भुड़कुड़ा- जखनिया मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस के समझाने- बुझाने पर ग्रामीण नहीं माने और कार्रवाई की मांग अड़े रहे। जानकारी होते पर जखनिया एसडीएम अतुल कुमार और सीओ राधाकृष्ण तिवारी ने समझा- बुझाकर ढाई घंटे बाद जाम समाप्त कराया। कोतवाल धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि राजेश यादव की तहरीर पर धनरावती हॉस्पिटल संचालक डॉ. नंदलाल यादव सहित तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्जकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने किया हंगामा, डॉक्टर की पिटाई
जखनिया। युवक राकेश यादव का शव देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। वह अस्पताल में घटना के बारे में पूछताछ करने लगे। इस दौरान इतना विवाद बढ़ गया कि हंगामा करने के साथ तोड़फोड़ करने लगे। साथ ही आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल संचालक डॉ. नंदलाल को भी मारने- पीटने लगे। डॉक्टर ने किसी तरह अस्पताल में भाग कर जान बचाई। इस दौरान हास्पिटल के कर्मचारियों के साथ आपस में मारपीट के दौरान मृतक के गांव के सोनू यादव व सुजीत यादव के हाथ में गंभीर चोट लगने से लहू लुहान हो गए, जिसे देखकर आक्रोशित लोगों ने चिकित्सालय में तोड़फोड़ करना शुरू कर दिया।