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UP: डॉक्टर पर आरोप लगाकर छत से कूदने जा रही थीं युवतियां, पिता का इलाज कराना था; जानें पूरा मामला

Thu, 26 Mar 2026 09:07 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।

सार

Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में यह मामला सामने आने के बाद गोराबाजार की पुलिस मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच गई। यहां दोनों युवतियों और चिकित्सकों से जानकारी ली गई।
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डॉक्टर पर आरोप लगाकर छत से कूदने जा रही थीं युवतियां। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP News: गोराबाजार स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बृहस्पतिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अपने पिता के ऑपरेशन के लिए आई दो युवतियों ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद अस्पताल के गार्ड और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें छत से कूदने से रोक लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

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जानकारी के अनुसार, सोहन लाल चौधरी नामक मरीज को सीनियर प्रोस्टेटोमेगाली की समस्या थी। उनके इलाज के लिए उनकी बेटियां मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग में पहुंची थीं। आरोप है कि डॉक्टर नंदन राय ने 25 मार्च को ऑपरेशन की तारीख दी थी और आवश्यक दवाइयां बाहर से खरीदने के लिए कहा गया। परिजनों का कहना है कि वे दवाइयां लाकर दे चुके थे, लेकिन डॉक्टर ने उन दवाओं का उपयोग किसी अन्य मरीज के ऑपरेशन में कर लिया। जब उन्होंने इस पर सवाल किया तो डॉक्टर ने उनके पिता का ऑपरेशन करने से मना कर दिया।

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आहत हो गई थीं बेटियां

इससे आहत होकर दोनों युवतियां बृहस्पतिवार को अस्पताल पहुंचीं और विरोध स्वरूप आत्महत्या का प्रयास करने लगीं। उन्होंने अस्पताल की छत पर चढ़कर कूदने की कोशिश की, जिससे वहां हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्डों ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों को सुरक्षित नीचे उतारा और समझा-बुझाकर शांत कराया।

वहीं, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. नीरज पांडेय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने बताया कि 25 मार्च को मरीज सोहन लाल चौधरी का ऑपरेशन प्रस्तावित था, लेकिन ऑपरेशन थिएटर में ले जाते समय उनका रक्तचाप काफी कम हो गया था। ऐसे में डॉक्टर नंदन राय ने हाई रिस्क को देखते हुए परिजनों से सहमति पत्र (कंसेंट फॉर्म) पर हस्ताक्षर करने को कहा, जो एक सामान्य प्रक्रिया है।
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कर्मचारियों ने रोका

प्रिंसिपल के अनुसार, परिजनों ने इस फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और अस्पताल स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया, जिसके चलते डॉक्टर ने ऑपरेशन करने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन मरीज को लेकर वापस चले गए थे।

अगले दिन पुनः अस्पताल पहुंचकर युवतियों ने आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन समय रहते उन्हें रोक लिया गया। बाद में समझाने पर परिजन सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हो गए हैं। अब मरीज का ऑपरेशन 27 मार्च को निर्धारित किया गया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय तक तनाव का माहौल बना रहा, हालांकि स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है।

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