गांव से वह अपने ससुराल महना अपनी पत्नी लालसा को लेने बाइक से जा रहा था। हादसे के बाद से ही पत्नी लालसा देवी, मां मीना देवी सहित अन्य परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल था। जबकि गांव में मातम छाया था।
सड़क हादसे में जितेंद्र की मौत से आसपास के लोगों में भी मातम छाया था। लोगों में चर्चा रही कि काश जितेंद्र ने अपनी मां की बात मान ली होती तो आज वह परिवार के साथ होता। दरअसल, जब जितेंद्र ससुराल के लिए निकल रहा था तो मां मीना देवी ने उसे मना किया था। कहा था कि आज थके हुए सूरत से आए हो, आराम कर लो। अगले दिन सुबह जाकर पत्नी को ले आना। लेकिन वह रात को ही बाइक से ससुराल के लिए चल पड़ा और हादसे का शिकार हो गया।