खेत-खेती किसान बचाओ नारे के साथ चेतावनी दी गई कि यदि तहत धान खरीद मामले पर यही रवैया रहा तो किसान जनवरी में रेल रोको आंदोलन को बाध्य होंगे। इस दौरान जिलाधिकारी को किसानों ने ज्ञापन भी सौंपा।
इस दौरान आयोजित सभा में महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि जिले में किसानों के धान की केन्द्रों पर खरीद नहीं हो रही है। बिचौलिए किसानों को लूट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 28 फरवरी की जगह 31 जनवरी तक खरीद की सीमा घटाना भी इसी ख्रेल का हिस्सा है। पूर्वांचल और गाजीपुर में धान की फसल दिसंबर महीने में बाजार में आती है।
इसलिए धान खरीद का समय दिसंबर से मार्च तक होना चाहिए। अभी तो किसान खेत-खलिहान में ही फंसे हैं।
इसी में जनवरी बीत जाएगी। किसान नेता ने कहा कि बिजली-सिचांई और बाजार के संकट से किसान तबाह हो रहे हैं। जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
मांगें न मानने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। धरना सभा में कमलाकर राम, महानंद यादव, मोती प्रधान, भंते शीलवचन, सुरेश कुशवाहा, रामप्यारे राम तथा योगेन्द्र प्रताप भारती ने विचार व्यक्त किया।
संचालन प्रमोद कुशवाहा ने किया।