जिला सहकारी बैंक गाजीपुर के कर्मचारियों ने अपने केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर बृहस्पतिवार को काली पट्टी बांधकर विरोध प्रकट करते हुए कार्य किया। को-ऑपरेटिव बैंक इंपलाइज यूनियन उत्तर प्रदेश की ओर से अपनी लंबित मांगों के संबंध में आज से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया गया है। इसके पहले चरण में काली पट्टी बांधकर कर्मचारियों ने कार्य किया तथा शाम को आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र जिला सहकारी बैंक के सचिव-मुख्य कार्यपालक अधिकारी को सौंपा।
कर्मचारी यूनियन की तरफ से सौंपे गए मांग पत्र में कहा गया है कि नए लाइसेंस प्राप्त 16 जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियों को आयुक्त एवं निबंधक के वेतनमान पुनरीक्षण की सुविधा दी जाए। जिला सहकारी बैंकों के कंप्यूटराइजेशन-डिजिटलाइजेशन में प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं की जांच कराई जाए। आधुनिकीकरण के लिए तकनीकी, बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी के लिए प्रोफेशनल विशेषज्ञों की कमेटी का गठन किया जाए। मांग पत्र में कहा है कि वर्ष 2012 से 2017 के दौरान भर्ती कर्मचारियों पर लगाए गए प्रतिबंध को समाप्त करते हुए कर्मचारियों की सभी सुविधाएं बहाल की जाए। अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर जिले की सभी 19 शाखाओं एवं मुख्यालय के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। बैंक के सचिव-मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्रक सौंपा। सीबीईयू गाजीपुर के अध्यक्ष विजयकृष्ण यादव ने बताया कि आज से शुरू हुआ आंदोलन 31 अगस्त तक चलेगा। उसके बाद भी अधिकारी अगर मांगों पर निर्णय नहीं लेते हैं तो पांच सितंबर को प्रदेश के सभी सहकारी बैंकों में पूर्ण हड़ताल करके बैंक मुख्यालय पर कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर दिग्विजय सिंह यादव, सर्वजीत यादव, रशीदुल हसन, अजय पांडेय, महेंद्र सिंह यादव आदि उपस्थित थे।
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