जिला पंचायत सभागार में बुधवार को जिले के गंगा किनारे के ग्रामों के प्रधान एवं सचिवों की बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी संजय खत्री ने विकास के अंतर्गत 4 वर्षों में कराये गए अधूरे कार्यों पर विचार किया। सचिव एवं प्रधानों को निर्देश दिया कि जो कार्य अधूरे पड़े हैं उन्हें तत्काल पूर्ण किया जाए। निरीक्षण के दौरान अधूरे कार्य पाए जाने पर संबन्धित सचिव/प्रधान को दोषी माना जाएगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का सहयोग लेकर विशेष अभियान चलाकर व्यक्तिगत कार्य समझ कर जनता को जागरूक करें कि शौचालय का प्रयोग इस समाज की प्रथम आवश्यकता है। जागरूक करें कि गंदगी से कई प्रकार के रोग पैदा होते हैं। बरसात के दिनों में पानी बहकर कुंओं-तालाबों में जाता है।
उन्होंने ग्राम कठउत, परमानन्दपुर, गोपालपुर, भगीरथपुर, देवा बैरनपुर, चकेरी, देवकली में अधिक अधूरे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अविलंब कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया। ग्राम पंचायत धांवा ब्लॉक सदर के ग्राम प्रधान ने शिकायत किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कभी गांव में नहीं आती है जिस पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि जांच कर आवश्यक कार्रवाई करें।
गंगा किनारे के सभी ग्राम प्रधान एवं सचिव को निर्देश दिया कि 25 दिन में शौचालय का लक्ष्य पूर्ण करा लें साथ ही गुणवत्ता का पूर्ण ध्यान दें। जिलाधिकारी ने कहा कि सचिव अपनी डेली डायरी अवश्य बनाएं। कब कहां गए उनकी डायरी की जांच कभी भी की जा सकती है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी अभय यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. आरती सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ राम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चन्द्रकेश सिंह उपस्थित थे।