ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों की देखभाल अब गांव की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। इसके एवज में उन्हें ग्राम पंचायत निधि से प्रति माह छह हजार रुपये दिए जाएंगे। हालांकि अभी इसकी जिम्मेदारी समूह की महिलाओं को नहीं सौंपी गई है। मालूम हो कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक सामुदायिक शौचालय बनाया जाना है। जिले के सोलह विकासखंडों के 1238 ग्राम पंचायतों में अब तक 758 में सामुदायिक शौचालय बन गए हैं। शेष 480 पंचायतों में कुछ जगहों पर निर्माण जारी है जबकि कुछ जगहों पर जमीन न मिलने से निर्माण नहीं शुरू हो सका है। जहां शौचालय बन गए हैं वहां अभी तक इसकी देखरेख की जिम्मेदारी समूह की महिलाओं को नहीं सौंपी गई है। यही नहीं पंचायतों द्वारा स्वयं सहायता समूह से आवेदन तक नहीं मांगे गए हैं। बताया गया है कि सर्वश्रेष्ठ सामुदायिक शौचालय बनवाने वाले ग्राम सचिव को शासन तथा विभाग की तरफ से सम्मानित किया जाएगा। जिला पंचायत राज अधिकारी रमेशचंद्र उपाध्याय ने बताया कि पंचायतों में बन रहे सामुदायिक शौचालयों की देखरेख स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की ओर से की जाएगी। इसके लिए पंचायतों की तरफ से उन्हें प्रतिमाह छह हजार रुपये दिया जाना है।