कृषि विज्ञान केंद्र आंकुशपुर में दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध उत्पाद विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण में करंडा और मुहम्मदाबाद ब्लाक की 40 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. एसके रावत ने महिलाओं को दुग्ध उत्पादन एवं दूध से उत्पाद बनाने का गुर सिखकर आत्म निर्भर बनने की सलाह दी। इसके लिये अच्छे नस्ल के दुधारु पशुओं को पालने की सलाह दी।
कोआर्डिनेटर वरिष्ठ वैज्ञानिक पशुपालन डा. एके सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को दुग्ध व्यवसाय के लिए दुधारू गायों की स्वदेशी उन्नत नस्लें जैसे साहिवाल, लालसिंधी, गिर नस्ल आदि की विशेषता बताया। इसी तरह भैसों में मुर्रा, भदावरी तथा जफराबादी आदि प्रमुख नस्लें हैं इस नस्ल के पशु 12 से 15 लीटर तक दूध उत्पादन प्रतिदिन करते हैं।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र पीजी कालेज के पशुपालन वैज्ञानिक डा. डीपी श्रीवास्तव ने पशुओं के प्रमुख रोग एवं संकर नस्ल की गायों में समय से गर्भ न धारण करने, बांझपन, सुक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व आदि के विषय में विस्तार से प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर केंद्र के वैज्ञानिक डा. जेपी सिंह, डा. नरेन्द्र प्रताप, डा. शशांक सिंह, डा. शंशाक शेखर आदि मौजूद रहे। केंद्र अध्यक्ष डा.आरसी वर्मा ने आभार व्यक्त किया।