जिला जेल में शनिवार को कैदियों द्वारा बंदी रक्षक को बंधक बनाए जाने से लेकर कैदियों को शांत करने तक लगभग ढाई घंटे तक जिला कारागार अशांत रहा और अफरा-तफरी मची रही। दो बार पगली घंटी बजानी पड़ी। अधिकारियों की देखरेख में सभी बैरकों की जांच की गई। एहतियातन जेल परिसर में पीएसी और पुलिस की तैनाती कर दी गई।शुक्रवार को डीएम और एसपी की छापेमारी तथा आपत्तिजनक सामान मिलने के बाद जेल में हड़कंप मचा था।
छापेमारी में बैरक नंबर तीन और चार से आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए थे। आला अफसरों के चले जाने के बाद दोबारा फिर चेकिंग की गई थी। इसी वजह से कैदियों में नाराजगी थी। और उन्होंने शनिवार को दस बजे बंदी रक्षक सर्वेश यादव को बंधक बना लिया। सर्वेश को छुड़ाने और कैदियों को शांत कराने तक लगभग ढाई घंटे तक जेल परिसर अशांत रहा और हर ओर अफरातफरी मची रही। जब सभी बंदियों को बैरकों में भेजा गया, तब जेल तथा जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली।