यदि आपके पास आधार कार्ड नहीं है तो घबराने की जरूरत नहीं। आधार नंबर
उपलब्ध न कराने की दशा में मतदाता सूची से उनका नाम नहीं हटाया जाएगा। भारत
निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि आधार नंबर प्रस्तुत किए जाने के आधार
पर विद्यमान निर्वाचक नामावली में पंजीकृत मतदाता का नाम अपमार्जित नहीं
किया जाएगा।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राष्ट्रीय निर्वाचक
नामावलियों के परिशोधन एवं प्रमाणीकरण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके
तहत निर्वाचकों से आधार नंबर प्राप्त किया जा रहा है। मतदाताओं से आधार
नंबर प्राप्त किए जाने का उद्देश्य निर्वाचक नामावली को शत-प्रतिशत शुद्ध
एवं प्रमाणीकृत करने की प्रक्रिया में उसका उपयोग करना है। इस क्रम में
आयोग ने निर्देश दिया है कि मतदाताओं से आधार नंबर प्राप्त किया जाना
बाध्यकारी नहीं है बल्कि यह वैकल्पिक एवं स्वैच्छिक रूप से उपलब्ध कराई
जाने वाली सूचना है।
मतदाता की ओर से आधार नंबर प्रस्तुत न किए जाने के
आधार पर मतदाता सूची में नए मतदाताओं के पंजीकरण-आपत्ति के लिए प्रस्तुत
दावों को अस्वीकार नहीं किया जाएगा। अभी तक 74616 मतदाताओं के आधार नंबर
एकत्र कर लिए गए हैं। जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में करीब 25 लाख
मतदाता वर्तमान में हैं। बीएलओ के साथ ही मतदाताओं की तरफ से रुचि न दिखाए
जाने के कारण मतदाता सूची को आधार से लिंक कराने की कवायद जोर नहीं पकड़ पा
रही है। इस संबंध में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार श्रीवास्तव
ने बताया कि मतदाताओं के आधार नंबर लेने का निर्देश बीएलओ को दिया गया है।