वाहन चेकिंग के दौरान ताड़ीघाट के पास शनिवार की शाम सुहवल थानाध्यक्ष ने आधा किलो हेरोइन के साथ चार तस्करों को धर दबोचा। रविवार को अपने आवास पर प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने बताया कि पकड़े गए चारों तस्कर
हेरोइन के धंधे में काफी समय से लिप्त थे। उन्होंने बताया कि सुहवल थानाध्यक्ष प्रवीण यादव हमराहियों के साथ शनिवार की शाम ताड़ीघाट के पास वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक सफेद रंग की स्कार्र्िपयो गाड़ी आती दिखाई दी।
पास आने पर पुलिस कर्मियों ने गाड़ी को रुकवा लिया। उसमें सवार चार लोगों को नीचे उतारकर उनसे पूछताछ किया। इसके बाद गाड़ी की तलाशी लेने पर उसमें आधा किलो हेरोइन बरामद हुआ। तस्करों की तलाशी लेने पर एक 32 बोर की
पिस्टल, 32 बोर की दो मैग्जीन सहित पांच मोबाइल तथा 5650 नकदी बरामद किया। पुलिस वाहन सहित सभी अभियुक्तों को थाने ले आई। पकड़ी गई हेरोइन की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करीब 50 लाख रुपये है। गिरफ्तार लोगों में
झारखंड के राजपुर चतरा निवासी पिंकू कुमार दांगी, यहीं के अजय कुमार दांगी, जमानिया के बेटाबर कला निवासी अरुण राय और यहीं के सुधीर कुमार रार्य उर्फ बबलू राय शामिल हैं। एसपी ने बताया कि पूछताछ में तस्करों ने बताया कि उत्तर
प्रदेश, बिहार और झारखंड में मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं। इनसे जुड़े कई अन्य लोगों को भी चिन्हित किया गया, जिनकी गिरफ्तारी शीघ्र कर ली जाएगी।
पुलिस के अनुसार हेराइन के साथ पकड़ा गया अरुण काफी समय से मादक द्रव्यों की तस्करी में संलिप्त है। वह बड़े पैमाने पर हेरोइन का धंधा करता चला आ रहा है। वर्ष 2008 में नारकोटिक्स लखनऊ ने उसके ऊपर ईनाम घोषित किया था।
वर्ष 2012 में दिलदारनगर थाना क्षेत्र में करीब आधा किलो हेरोइन के साथ उसे पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। जेल से छूटने के बाद फिर से उसने मादक द्रव्यों की तस्करी का काम शुरू कर दिया।
तस्करों के पास से बरामद स्कार्पियो गाड़ी का मालिक विनोद दांगी 2014 में बरेली में आठ सौ ग्राम अफीम के साथ पकड़ा गया था। वह अभी भी जेल में है। उसके जेल जाने के बाद गाड़ी का इस्तेमाल पिंटू कुमार हेरोइन तस्करी के काम में
करता था। चेकिंग के दौरान पुलिस के हाथ हेरोइन न लगे, इसके लिए तस्करों ने गाड़ी के स्टेयरिंग के नीचे अलग से विशेष किस्म का बाक्स बना रखा था, जिसे आसानी से लोगों की नजरें देख नहीं सकती है।
इस समय सुहवल थानाध्यक्ष प्रवीण यादव का सितारा बुलंदी पर है। शायद यही कारण है कि उन्हें एक के बाद एक बड़ी सफलता मिलती जा रही है। 30 जून की शाम मेदिनीपुर तिराहा के पास पांच तस्करों को जाइलो गाड़ी के साथ पकड़कर
उनके पास से 3 किलो 2 सौ ग्राम हेरोइन बरामद किया। उसके बाद 04 जुलाई को ताड़ीघाट के पास स्कार्पियो सवार चार तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से आधा किलो हेरोइन बरामद किया।
कुछ वर्ष पहले शहर से सटे बक्सूपुर गांव की पहचान हेरोइन मंडी के रूप में होती थी। गांव के प्राय: सभी घरों में चौबीसों घंटा हेरोइन के आदी लोगों को आराम से हेरोइन की पुडि़या उपलब्ध हो जाती थी। तस्करों की तरफ से पुलिस की जेब गर्म
करने से इस धंधे पर रोक नहीं लग पा रही थी। करीब 9 वर्ष पहले पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस ने बक्सूपुर में अभियान चलाकर ताबड़तोड़ छापेमारी की और हेरोइन के धंधे को पूरी तरह से बंद करा दिया था। इसके बाद तस्करों ने
ठिकाना बदलते हुए जंगीपुर सहित अन्य क्षेत्रों में हेरोइन की बिक्री का काम शुरू कर दिया।