दुबिहा। क्षेत्र में आए दिन बिजली के तार टूट कर गिरते रहते हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं। ग्रामीणों ने कई बार मांग की लेकिन बिजली निगम ने जर्जर तारों को नहीं बदला। सड़क से लेकर खेतों के ऊपर से 11 हजार और 440 वोल्ट के जर्जर तार खींचे गए हैं।
जर्जर तार कब, किसके ऊपर गिर जाएं, कुछ कहा नहीं जा सकता। जर्जर तार अक्सर शॉर्ट सर्किट के कारण टूटकर गिर जाते हैं। तारों के टूटकर गिरने से सिवान में पशुओं और किसानों संग हादसे होते रहते हैं।
दुबिहा समेत क्षेत्र के हरदासपुर, नेवादा, असावर, कमसड़ी, गोविंदपुर, लाली का डेरा, गडार, कुसहा, पाहुपुर, बिंदवलिया, खडहरा, सरेजा, भठवा, दलपतपुर आदि गांवों के लिए खींचे गए तार और बिजली के पोल पांच से छह दशक पुराने हैं।
करीमुद्दीनपुर सब स्टेशन के गोड़उर गांव में एक वर्ष पहले खेत में बकरी चराकर घर जा रहे आरिफ (12) की टूटकर गिरे तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी। तीन वर्ष पहले दुबिहा विद्युत सब स्टेशन के तहत खेत में आलू की बोआई कर रहे असावर के बेसवान गांव निवासी रविंद्र यादव की भी टूटे तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी।