अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक चंद्रप्रकाश तिवारी की अदालत ने खानपुर थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में मृतक की पत्नी और साढ़ू को पांच- पांच वर्ष के कठोर कारावास और 10 -10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार करंडा थाना क्षेत्र के बासूचक गांव निवासी लल्लू राम ने खानपुर थाने में तहरीर दी कि उसके पुत्र गुडडू राम की शादी करीब सात वर्ष पहले सीता देवी पुत्री तुलसी राम निवासी फरीदहां थाना खानपुर के साथ हुई थी। वादी के अनुसार उसकी बहू अक्सर अपने मायके में ही रहती थी। एक अगस्त 2011 को उसका पुत्र गुड्डू राम अपनी पत्नी की विदाई करने के लिए अपनी ससुराल गया था।
वहां पर पुत्र की पत्नी सीता देवी, साला और उसका साड़ू हरिराम निवासी धुवार्जुन थाना सैदपुर ने मिलकर पुत्र को मारापीटा। इसकी सूचना पुत्र गुड्डू ने फोन के जरिए दी। बीते चार अगस्त 2011 को पुत्र की हत्या तीनों मिलकर कर दी और फोन से बताया कि उसकी तबीयत बहुत खराब है। वादी अपने गांव के कुछ लोगों को लेकर फरीदहा आया तो गांव के लोगों ने बताया कि तीनों ने मिलकर गुड्डू की हत्या कर दी है।
तहरीर के आधार पर थाना खानपुर में मुकदमा पंजीकृत हुआ। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया की गुड्डू की मौत जहर की वजह से हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। विचारण के दौरान एक आरोपी किशोर होने के कारण उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को भेज दी गई।
मृतक की पत्नी और साड़ू के विरुद्ध न्यायालय में विचारण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता जयप्रकाश सिंह ने 11 गवाहों को पेश किया। मृतक के पिता लल्लू राम को छोड़कर तथ्य के गवाह पक्ष द्रोही हो गए। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत ने सीता देवी और हरिराम को दोषी पाते हुए उपरोक्त सजा सुनाई है।