हर साल 13 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण दिवस मनाया जाता है। आपदा संबंधी कार्यों और कार्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंध प्राधिकरण (एनडीएमए), प्रदेश में राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण (एसडीएमए) और जनपद में जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण (डीडीएमए) कार्य करते हैं। अंतरराष्ट्रीय समझौतों व गृह मंत्रालय के निर्देशों के अधीन ये संस्थान आपदाओं से बचाव व उनके प्रभावों को कम करने के लिए लगातार कार्य करते हैं।
जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण ने अब तक जनपद स्तर पर ठंड, कोल्ड वेव, हीट वेव, सूखा और बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान आपदा न्यूनीकरण और राहत-बचाव के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। तहसीलदार अभिषेक कुमार ने बताया कि आपदा को रोका नहीं जा सकता, लेकिन कुशल प्रबंधन, व्यावहारिक प्रशिक्षण से किसी भी प्रकार की आपदा के प्रभाव को न्यून करने का प्रयास किया जाता है। इसके लिए समय-समय पर पोस्टर एवं पंपलेट के माध्यम से जनमानस को जागरूक किया जाता है।
आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने बताया कि जनपद में अचानक बिना मौसम आई बाढ़ के दौरान जलस्तर खतरा निशान से एक मीटर से अधिक पहुंच गया था। जिले में आपदा प्रबंध प्राधिकरण ने सिर्फ जलस्तर व संभावित बाढ़ की सटीक जानकारी प्रदान की बल्कि सभी तरह की राहत गतिविधियों का समय रहते संचालन किया। इसके अलावा डीडीएमए की ओर से मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम, आपदा मित्र परियोजना, कृषि चौपाल, दामिनी एप डाउनलोड कार्यशाला, लेखपाल प्रशिक्षण व अन्य जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाता है। हर साल विभिन्न आयु वर्ग एवं क्षेत्र के लोगों को जागरूक किया जाता है। ये इकाई एनजीओ व समाजसेवियों को भी क्रियाशील बनाती है।
साल 2022 में 186 गांव हुए बाढ़ से प्रभावित
साल 2021 में बाढ़ से जहां 179 गांव प्रभावित हुए थे वहीं साल 2022 में 186 गांव प्रभावित हुए। साल 2020, 2021 में अंतरराष्ट्रीय महामारी कोरोना से भी जनपद प्रभावित रहा। उस दौरान अलग वार्ड बनाने के साथ सुविधाओं को मुहैया कराकर महामारी के प्रभाव को कम किया गया। साथ ही टीकाकरण अभियान चलाकर लोगों को कोरोना से सुरक्षित किया गया।
वर्ष 2009 में तय हुई दिवस की तारीख
पहले अक्तूबर के दूसरे बुधवार को यह दिवस मनाया जाता था। 21 दिसंबर 2009 को संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा ने हर साल 13 अक्तूबर को यह दिवस मनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया, तभी से 13 अक्तूबर का दिन आपदा के लिए विशेष दिन और तारीख बन गई।