दिलदारनगर में उद्भव के सौजन्य से स्वर्गीय डॉक्टर सुधाकर पांडेय के श्रद्धांजलि समारोह एवं काव्य
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दिलदारनगर। साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्थान उद्भव की ओर से बड़ी नहर स्थित एक मैरेज हाल में डॉ. सुधाकर पांडेय के स्मृति में काव्य संध्या का आयोजन किया गया। कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं से मौजूदा हालत पर चोट की। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री के प्रतिनिधि मन्नू सिंह ने साहित्यकार, कवि, शायर और समाज सेवियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान लेखक धीरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि संस्कृत में पीएचडी करने वालों को स्कालरशिप और कक्षा छह में पढ़ने वाले पांच कमजोर वर्ग के छात्रों को हर वर्ष कापी किताब खरीदने के लिए दो-दो हजार रुपये 31 दिसंबर को देकर डा. सुधाकर पांडेय स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद काव्य समारोह में हास्य व्यंग्य कवि डंडा बनारसी ने अपनी रचना ‘उसको कश्मीर बुलाया तो बुरा मान गए, 370 हटाया तो बुरा मान गए’ सुनाया तो लोगों ने तालियां बजा कर स्वागत किया। हरिनारायण हरीश ने कहा कि ‘मोहन मेरा संवाद करेगा, आंसू का अनुवाद करेगा, अब अंगूठा अगर कटा तो एकलव्य प्रतिवाद करेगा’, खुर्शीद दिलदारनगरी ने कहा कि ‘उसके तालुकात का पैगंबर चला गया, शौके अदब का एक कलंदर चला गया, अल्लाह से दुआ है कि जन्नत नसीब हो इंसानियत का दोस्त सुधाकर चला गया’। धीरेंद्र श्रीवास्तव, वंशनारायन सिंह, मिथलेश गहमरी, आनंद कुशवाहा, जनार्दन ज्वाला, खुर्शीद, फजीहत गहमरी, गोपाल गौरव, कवि, अनंत देव पांडेय, अखंड, हेमंत निर्भीक, सुनील सुकुमार, जनार्दन ज्वाला आदि ने भी रचनाएं पेश कीं। इस दौरान आंनद कुशवाहा, डा. शंभूनाथ सिंह, योगेश तिवारी, डा. झुनझुन, डा. शिवप्रताप सिंह, सुरेंद्र पांडेय, सिद्धार्थ पांडेय, सौरभ पांडेय, इंद्रासन यादव, सुरेश कश्यप, अरुण शुक्ला, वंशनरायन सिंह आदि मौजूद रहे।