गाजीपुर। जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे करने के बाद पीड़ितों का हाल जानने गुरुवार को डाकबंगले में पहुंचे लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने लेखपालों को शुक्रवार से काम पर लौटने का निर्देश था। साथ ही चेतावनी दी थी कि ऐसा न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन शुक्रवार को लोनिवि मंत्री का निर्देश बेअसर साबित हुआ। लेखपालों ने सदर तहसील परिसर में अपना धरना जारी रखा।
वक्ताओं ने कहा कि लेखपाल सरकार की विभिन्न नीतियों, योजनाओं एवं कार्यक्रमों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों की ओर से बीते 16 मार्च को छह सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी के द्वारा मुख्यमंत्री तक प्रस्तुत किया गया था और समस्याओं के निस्तारण की मांग भी की गई थी। इसके बाद हुई वार्ता के दौरान लेखपालों की एसीपी विसंगति को दूर करने एवं लेखपालों का प्रारंभिक वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे 2800 करने सहित छह मांगों का प्रस्ताव संस्तुति सहित बीते 16 जून को प्रमुख सचिव (राजस्व) ने कार्रवाई के लिए वित्त विभाग एवं कार्मिक विभाग के लिए भेज दिया। बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
जिलाध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने कहा कि विभिन्न संवर्गों के वेतन विसंगति, वेतन उच्चीकरण एवं अन्य मांगों का निस्तारण किया गया है लेकिन शासन की ओर से लेखपाल संवर्ग की मांगों के संबंध में कोई शासनादेश निर्गत नहीं किया गया। इसके चलते लेखपाल स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। कहा कि बीते 5 जुलाई को मुख्य सचिव से मांगों के संबंध में बीते 14 जुलाई तक शासनादेश जारी करने का अनुरोध किया गया था। लेकिन शासनादेश जारी नहीं किया गया। इसके बाद बीते 15 जुलाई को सभी तहसीलों के लेखपालों ने अपनी मांगों के निस्तारण के लिए एसडीएम के माध्यम से राजस्व मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। कहा कि बीते 17 अगस्त से 22 अगस्त तक शासन एवं सरकार का ध्यानाकर्षण करने के लिए लेखपालों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताते हुए कार्य किया।
कहा कि अंत में लेखपालों को बीते 23 अगस्त से पूर्ण कार्य का बहिष्कार करते हुए धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ा। अगर मांगों का निस्तारण प्रदेश सराकर की ओर से नहीं किया जाता है तो आंदोलन चलता रहेगा। इस मौके पर पर रामलखन राम, झिगुरी राम, जोखन राम, धीरेंद्र प्रताप, नागेंद्र प्रताप, भूलोटन यादव, चितरंजन चौहान, सुरेंद्र राम आदि मौजूद रहे।