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Ghazipur News: एक महीने की छुट्टी के बाद ड्यूटी पर गए थे देहरादून, दो दिन बाद मिली मौत की खबर

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खानपुर। आर्मी जवान का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को पैतृक गांव तेतारपुर पहुंचते ही कोहराम मच गया। वाराणसी की 39 जीटीसी से आए आर्मी जवानों ने साथी को अंतिम सलामी देने के साथ पुष्पगुच्छ चक्र अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी। जवान की पत्नी को जैसे ही राष्ट्रध्वज सुपुर्द किया गया सबकी आंखें भर आईं। जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ गई।
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तेतारपुर गांव निवासी राकेश यादव (42) वर्ष 2001 में इंजीनियरिंग सर्वे ग्रुप हेडक्वाटर देहरादून में तैनात हुए थे। वे वाराणसी के बीआरओ से भर्ती हुए थे। भाई राजू यादव ने बताया की 15 सितंबर को एक महीने की छुट्टी के बाद वह देहरादून ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। 16 सितंबर को ड्यूटी पर पहुंच गए थे। तबीयत खराब होने पर उन्हें सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। 17 सितंबर को उनकी मौत की खबर घर गई। पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर घर लाया गया। वाराणसी से घर जाते समय रास्ते में उच्च प्राथमिक विद्यालय तेतारपुर के छात्रों एवं अध्यापकों ने जवान के पार्थिव शरीर पर श्रद्धाजंलि अर्पित की। पार्थिव शरीर पहुंचते ही राकेश यादव अमर रहे के नारे से पूरा माहौल गमगीन हो उठा। 39 जीटीसी वाराणसी से सेना जवान सुब्बाराव गुरुंग के नेतृत्व में जवानों ने साथी को श्रद्धांजलि देने के साथ अंतिम सलामी दी। वहीं नायब तहसीलदार सैदपुर विजयकांत पांडेय, जिला पंचायत सदस्य कमलेश राय साहब, सपा प्रदेश सचिव राजेंद्र यादव, रामबचन यादव, जिला पंचायत कमलेश यादव, गोविंद यादव सहित अन्य ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रध्वज लेते ही अचेत हो गई जवान की पत्नी
खानपुर। पैतृक गांव सेना जवान का पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिजन दहाड़े मारकर रोने- बिलखने लगे। वाराणसी से आए आर्मी जवानों ने अंतिम सलामी देने के साथ जवान की पत्नी किरन देवी को राष्ट्रध्वज समर्पित किया। राष्ट्र ध्वज पाते ही पत्नी किरन देवी बेहोश हो गई। मां को अचेत देख पुत्र रघुवीर और राजवीर बिलख पड़े। उनको सिसकता और रोता देख ग्रामीणों की आंख भर आईं। जवान दो भाइयों में सबसे छोटे थे।
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