कासिमाबाद/ सिधागरघाट। सिधागरघाट-सलामतपुर मार्ग की दयनीय स्थिति को लेकर आक्रोशित भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं बृहस्पतिवार को सिधागरघाट त्रिमुहानी पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी सड़क मरम्मत की मांग कर रहे थे। चार घंटे तक चल चले जाम को नायब तहसीलदार कासिमाबाद अनुराग यादव ने आश्वासन देने के बाद समाप्त कराया। जाम से रसड़ा-कासिमाबाद के साथ सलामतपुर-मऊ को जाने वाली छोटी बड़ी सभी गाड़ियां खड़ी रहीं। जिससे लोगों के आवागमन में काफी असुविधा हुई।
सुबह 10 बजे से शुरू प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष मनोज गौतम ने कहा कि यह मार्ग पूरी तरह से गड्ढे में तब्दील हो गया है। लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल है। आए दिन दुर्घटना हो रही है। इसके साथ बीमार मरीजों को समय से अस्पताल ले जाने में असुविधा हो रही है। बार-बार अधिकारियों को पत्रक देने के साथ मिलकर अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। जनता की समस्याओं को नजर अंदाज कर रहे हैं। इस जाम को दो बजे पहुंचे नायब तहसीलदार कासिमाबाद अनुराग यादव ने भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के साथ वार्ता कर बताया कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ दो-तीन दिन के अंदर तहसील मुख्यालय पर उपजिलाधिकारी के साथ वार्ता होगी और कोई संतोष जनक हल निकलेगा। उसके बाद उनके आश्वासन पर जाम समाप्त कर दिया गया। इस मौके पर धीरेंद्र गौतम, राजेश बागी, प्रेमचंद गौतम, अश्वनी, श्री राम, संतोष आदि मौजूद रहे।
एक घंटे में तय करते हैं नौ किमी
जिले के उत्तरी छोर पर स्थित सिधागघाट-सलामतपुर मार्ग प्रमुख मार्गों में से एक है। इस मार्ग से बलिया जनपद के रसड़ा तहसील के साथ कासिमाबाद विकासखंड के उत्तरी छोर पर स्थित गांवों के लोग मऊ, बहादुरगंज के साथ अन्य जगहों के लिए आते जाते हैं। यह मार्ग पिछले पांच वर्षों से भी अधिक समय से टूटा हुआ है। इस मार्ग की लंबाई 9 किलोमीटर है। इतनी दूरी तय करने में चार पहिया वाहन को एक घंटे से भी अधिक समय लग रहा था। आसपास के ग्रामीण इस सड़क के दयनीय हालत से काफी दुखी हैं।
आश्वासन न मिलने से थे प्रदर्शनकारी थे नाराज
भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने बताया कि मार्ग की दयनीय स्थिति को लेकर पहली बार चार सितंबर को सलामतपुर चट्टी पर मऊ-कासिमाबाद मार्ग पर जाम लगाया गया था। एसडीएम आशुतोष कुमार, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ वार्ता कर 19 सितंबर तक स्थिति स्पष्ट करने का आश्वासन दिया था। यही कारण है कि 19 सितंबर तक पीडब्ल्यूडी एवं तहसील प्रशासन द्वारा कोई आश्वासन न मिलने पर फिर चक्काजाम किया गया है।