जिला महिला अस्पताल का मोटर फुंकने से जिला पुरुष अस्पताल में पानी के लिए शुक्रवार को हाहाकार मचा रहा। मरीजों के साथ आए तीमारदारों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा।
परिसर में स्थित हैंडपंपों पर से तीमारदार किसी तरह पानी की व्यवस्था कर काम चलाते रहे। हैंडपंपों पर भीड़ के बीच वह अस्पताल प्रशासन को कोसते रहे।
जिला महिला अस्पताल में लगे मोटर से पूरे अस्पताल में पानी की सप्लाई की जाती है। चार दिन पहले नया मोटर लगाया था, जो बुधवार की शाम पुन: जल गया। इसके कारण टंकी में पानी न भर पाने से पेयजल का संकट उत्पन्न हो गया।
मोटर के ठीक रहने पर परिसर में जगह-जगह स्थापित छोटी-छोटी टंकियों में लगी पानी की टोटी सहित अन्य स्थानों पर लगी टोटियों से यहां आने वाले मरीजों को आसानी से पानी उपलब्ध हो जाता था, लेकिन मोटर जलने के बाद से ये टोटियां शो-पीस बनी हुई है।
इन टोटियों से पीने का पानी लेने के साथ ही मरीजों के साथ आए तीमारदार कपड़ा धोने के साथ ही स्नान भी करते है, लेकिन उन्हें दो दिनों से पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। शुक्रवार को पानी के लिए परेशान तीमारदार परिसर में लोगों से यह पूछते नजर आए कि हैंडपंप किधर है। परिसर में लगे कई हैंडपंप खराब भी है।
इसकी वजह से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। जो हैंडपंप काम कर रहे थे, वहां लोगों की भीड़ लगी रही। जिला अस्पताल प्रशासन को व्यवस्था के लिए कोसते हुए लोगों ने किसी तरह थोड़ा-बहुत पानी की व्यवस्था कर काम चलाया। वैसे तो जिला अस्पताल में मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों को विभिन्न प्रकार की समस्याओें से जूझना आम बात है, लेकिन पिछले दो दिनों से मरीज और उनके तीमारदार पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।
गर्मी की कौन कहे, ठंड के मौसम में भी उनकी प्यास नहीं बुझ पा रही है। इस संबंध में पूछे जाने पर जिला अस्पताल के सीएमएस डा. केडी द्विवेदी का कहना था कि फूंके मोटर को दुुरुस्त कराने के लिए मैकेनिक बुलाए गए हैं। जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति सुचारु कराने की कोशिश की जा रही है।