पिछले साल ओलावृष्टि के चलते बर्बाद हुई गेहूं की फसलों का मुआवजा बहुत जल्द ही किसानों को मिलेगा। फसल बीमा योजना के तहत बीमित 30 हजार किसानों को इससे फायदा होगा। कृषि विभाग के अनुसार मुआवजे के लिए बीमा कंपनी की ओर से पांच करोड़ 49 लाख 81 हजार रुपये नोडल बैंकों को उपलब्ध कराया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2015-16 में करीब पौने दो लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की खेती की गई थी। अचानक हुए ओलावृष्टि के चलते जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में गेहूं की फसल पर काफी असर पड़ था। इस कारण उत्पादकता में काफी कमी आई थी। गेहूं के दाने भी काफी कमजोर हो गए थे। जिससे किसानों की लागत भी नहीं निकल पाई थी। जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 35 हजार किसानों ने फसल बीमा योजना के तहत अपनी गेहूं की फसल का बीमा कराया था। ओलावृष्टि के चलते हुई गेहूं की फसल के नुकसान को देखते हुए बीमा कंपनी आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की ओर से सर्वे कर बीमित किसानों को क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवाजा देने की तैयारी शुरू की
गई थी।
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष हुई ओलावृष्टि के चलते लगभग 30 हजार बीमित किसानों की गेहूं की फसल क्षतिग्रस्त हुई थी। इस क्षतिपूर्ति की भरपाई करने के लिए बीमा कंपनी की ओर से पांच करोड़ 49 लाख 81 हजार रुपये जल्द से जल्द किसानों में वितरित करने की जानकारी कृषि विभाग को दी गई है। विभाग को ग्राम पंचायतवार और न्याय पंचायतवार किसानों की सूची भी उपलब्ध करा दी गई है।
इस संबंध में कृषि अधिकारी एके प्रजापति ने बताया कि ओलावृष्टि के चलते क्षतिग्रस्त हुई गेहूूं की फसल का मुआवजा जल्द ही बीमा कंपनी की ओर से नोडल बैंकों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद नोडल बैंक अपने शाखा को यह धनराशि उपलब्ध करा दी जाएगी। शाखा की ओर से बीमित किसानों के खातों में क्षतिपूर्ति की धनराशि स्थानांतरित की जाएगी।