कासिमाबाद चौक से लेकर कस्बे के सभी चारों मार्गों पर अतिक्रमण हटाने के लिए रविवार को मुनादी कराई गई। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने मुनादी के साथ कहा कि सड़क मार्ग पर किया गया अतिक्रमण शीघ्र हटा लें। अन्यथा विभाग खाली कराने के लिए विवश होगा।
मालूम हो के स्थानीय चौक का चौड़ीकरण के साथ गोलंबर का निर्माण कार्य किए जाने के लिए जब से निविदा स्वीकृत हुई है तभी से पीडब्ल्यूडी अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार प्रयास कर चुका है। यहां तक कि काश्तकारों के साथ दुकानदारों को नोटिस देखकर एक सप्ताह के अंदर अतिक्रमण हटा लेने को कहा गया था।
उसके बाद भी अतिक्रमणकारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों के सामने से अतिक्रमण नहीं हटाया। इस संबंध में सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी कृष्ण मुरारी ने बताया कि यह अंतिम चेतावनी दी गई है। अतिक्रमण हटाने के लिए जिलाधिकारी से मिलकर कार्रवाई की तिथि शीघ्र निश्चित की जाएगी। एक स्थानीय काश्तकार ने जिला न्यायालय में एक याचिका दायर कर शिकायत भी की है।
बार-बार पैमाइश कर निशान बदलने से आक्रोश
पीडब्ल्यूडी द्वारा पिछले छह माह से अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई और बार-बार पैमाइश कर निशान बदलने से काश्तकारों के साथ दुकानदारों में भारी आक्रोश है।
यहीं नहीं कासिमाबाद गाजीपुर मार्ग के साथ कासिमाबाद रसड़ा मार्ग पर पड़ने वाली दुकानों और उनके मालिकों ने एतराज जताते हुए बताया कि इन दोनों मार्गों पर पीडब्ल्यूडी की जितनी रिकॉर्ड में भूमि है उससे अधिक की भूमि पर सड़क बन चुकी है। अब जितनी जमीन बची है सभी काश्तकारों के नाम से है और उसका मुआवजा विभाग द्वारा नहीं दिया गया। इन दोनों मार्गों के संबंध में काश्तकारों का कहना है कि रिकॉर्ड में पहले यह जिला मार्ग भी नहीं था। अब इस मार्ग को स्टेट हाईवे घोषित कर दिया गया है।