वर्ष 2011 में बने 276 आवासों में 69 पड़े हुए हैं खाली
गरीब सड़क के किनारे झुग्गी झोपड़ियों में रहने को बाध्य
संवाद न्यूज एजेंसी
जमानिया। बसपा सरकार में गरीबों के रहने के लिए वर्ष 2011 में 276 आवासों की कांशीराम कॉलोनी बनाई गई थी। जब तक इन आवासों के आवंटन का नंबर आया तब तक राज्य में सपा की सरकार बन गई। अफसर इस ओर से पूरी तरह शिथिल हो गए।
पांच साल सपा की सरकार रहने के बाद एक कार्यकाल भाजपा का भी बीत चुका है और दूसरे कार्यकाल का भी लगभग एक वर्ष बीत चुका है। बावजूद अब तक एक भी नया आवंटन नहीं हो पाया है। जबकि आवास विहीन तमाम परिवार दशकों से सड़क किनारे‚ जर्जर मकान में रहने को विवश हैं और झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे हैं।
बसपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए प्रत्येक शहर और कस्बे में कांशीराम काॅलोनी बनाई थी। इसी के तहत नगर के स्टेशन बाजार में भी 276 आवासों की कांशीराम कॉलोनी बनी गई थी। इसके निर्माण में करीब आठ से दस करोड़ की लागत आई थी।
कुल 276 आवास में से 76 अनुसूचित‚ 121 पिछड़ी और 10 सामान्य जाति को दिया जाना था। इसके सापेक्ष 207 आवासों का आवंटन भी किया गया। ऐसे में शेष आवास वर्ष 2011 के बाद से आवंटित नहीं हुआ। ऐसे में गरीब पात्र के लोग आज भी झुग्गी झोपड़ियों में सड़क पटरी के किनारे रहने के लिए बाध्य है।
सपा सरकार ने कांशीराम शहरी आवास योजना की जगह लोहिया आवास योजना चला दी। फिर वर्ष 2017 में भाजपा की सरकार आई तो कांशीराम आवास और लोहिया आवासीय योजनाओं की जगह प्रधानमंत्री आवास योजना लागू कर दी गई। लिहाजा, कांशीराम कॉलोनी में बने आवास आवंटन में किसी ने भी पहल नहीं की।
परिणामस्वरूप कांशीराम आवास फिर आवंटित नहीं हो पाए और अब तक खाली है। अब कांशीराम आवासीय कॉलोनी के भवन जर्जर होने लगे हैं, जबकि तमाम गरीब परिवार किराए के घर या सड़क पर झुग्गी झोपड़ी बनाकर रहने को विवश हैं। कांशीराम आवास में जुआरी दिन में आकर जुआ खेलते हैं। रात में यहां असामाजिक तत्व शरण लेते हैं।
इस संबंध में नगर पालिका परिषद जमानिया इओ अखिलेश तिवारी ने बताया कि स्टेशन बाजार में कांशीराम कालोनी में कुल 276 आवास बने है। असमें 69 आवास खाली है। खाली आवासों में 62 अनुसूचित जाति और सात आवास सामान्य जाति के परिवार को आवंटित करना है। जल्द आवास आवंटन करने का प्रयास किया जाएगा।