जिला कारागार में बंद महिला एवं पुरुषों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उन्हें कंप्यूटर, सिलाई-कढ़ाई एवं पेंटिंग का प्रशिक्षण दिया गया। सोमवार को इस कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस मौके पर जेलर एसपी त्रिपाठी ने कहा कि बंदी महिला एवं पुरुषों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार की जीविका चला सकें। डिप्टी जेलर विनय प्रताप सिंह ने कहा कि कुछ दिनों में बंदियों
को मोमबत्ती, अगरबत्ती एवं अचार बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। समापन के दौरान बंदी महिला और पुरुष को प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र भी दिया गया। इस मौके पर डिप्टी जेलर राजकुमार वर्मा, सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षक रीता चौहान, कंप्यूटर
प्रशिक्षक ऋषभ त्रिपाठी, पेंटिग प्रशिक्षक निधि राय मौजूद रहीं।