गाजीपुर/जमानिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो से जिले में हलचल मच गई है। इसमें प्रशासनिक एवं पुलिस के अधिकारी सभासद जयप्रकाश गुप्ता की पत्नी व अन्य महिलाओं की फोटो खींचने, चालान बनवाने एवं बुलडोजर से घर गिरवाने की बात कहते हुए दिख रहे हैं। इस पर अधिकारियों ने जांच कराने की बात कही है।
कुछ दिन पूर्व नगर पालिका परिषद के मनोनीत सभासद और प्राचीन रामलीला समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता को पुलिस ने गोकशों को संरक्षण देने के मामले में गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। जिस पर उनके समर्थकों ने बाजार बंद का आह्वान किया, वहीं उनकी पत्नी गिरफ्तारी के विरोध में धरने पर बैठ गई। जब प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी माइक से त्योहार में शांति व्यवस्था बनाने रखने की अपील करते हुए सभासद के घर पास पहुंचे तो महिलाओं को देख रुक गए। यह वीडियो इस दौरान का ही है।
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कोई भी कार्रवाई होगी वह विधिक होगी। यदि ऐसा है तो उसका संज्ञान लिया जाएगा और कोई भी बुलडोजर या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बिना लिखा-पढ़ी और बिना विधिक कार्रवाई के नहीं की जाएगी।
- आर्यका अखौरी, जिलाधिकारी
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वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी। सभासद द्वारा गोकशों को संरक्षण दिया जाता था। जिसके लिए उसे जेल भेजा गया है।
- रोहन पी बोत्रे, पुलिस अधीक्षक
लोगों का आरोप
नगर के लोगों एवं सभासद की पत्नी गीता गुप्ता ने आरोप लगाया कि प्रभारी निरीक्षक द्वारा साजिश के तहत जयप्रकाश गुप्ता को जेल भेजा गया। इसके पीछे रामलीला समिति की जमीन सहित शिव मंदिर परिसर की जमीन पर कब्जा करना है। उन्हें जेल भेजने के बाद नई रामलीला समिति गठित कर मुन्ना गुप्ता को अध्यक्ष बना दिया और एक दिन बाद ही रामलीला की जमीन पर जेसीबी चलने लगी।