गाजीपुर जिले के देवरिया गांव में 14 वर्षीय किशोर राजू यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शनिवार को जमकर बवाल हुआ। हत्या का आरोप लगाते हुए आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग-24 जाम कर दिया। करीब साढ़े पांच घंटे तक चले जाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप रहा, जिससे राहगिरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान चिलचिलाती धूप भी लोगों का हौसला पस्त नहीं हुआ और लोग अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डटे रहे। हालांकि दिन में करीब डेढ़ बजे एसडीएम ज्योति चौरसिया द्वारा सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ।
घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश रहा। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ईंट-पत्थर और पेड़ की टहनियां रखकर मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाने-बुझाने का प्रयास किया। उधर, दिनदहाड़े किशोर के लापता होने और संदिग्ध हालात में शव मिलने की घटना से लोग सकते में हैं। वहीं, परिजनों के आरोप और एंबुलेंस प्रकरण ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं।
हत्या का आरोप, गला दबाने की आशंका
मृतक के पिता दिनेश यादव ने आरोप लगाया कि उनके बेटे राजू की गला दबाकर हत्या की गई है। उनका कहना है कि शुक्रवार को पड़ोसी गांव के दो लोग राजू को अपने साथ ले गए थे, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने रातभर तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पिता दिनेश यादव का कहना है कि राजू तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और परिवार के भरण-पोषण में उनका हाथ बंटाता था। घटना के बाद से मां ममता समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।