बहरियाबाद। क्षेत्र के चकफरीद गांव की दर्जनों महिलाएं एवं पुरुषों ने ग्राम प्रधान के आवास का घेराव करते हुए शनिवार को धरना दिया। साथ ही आवास, शौचालय, पेंशन व मनरेगा सहित अन्य विकास कार्यों में धांधली व धन उगाही का आरोप लगाकर जमकर नारेबाजी की। ग्राम प्रधान द्वारा एक माह के अंदर पैसा देने का लिखित आश्वासन दिया गया। तब जाकर चार घंटे बाद ग्रामीण शांत हुए और धरना समाप्त हुआ। इस दौरान सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस टीम भी मुस्तैद रही।
धरने के दौरान गांव निवासी शीला मौर्य, सुनीता चौहान, रीना देवी, राधिका, सरिता, भगवानी देवी, रामजन्म, विमला, तेतरी, सोनू सोनकर, लीलावती, सविता, अजीत ने आवास के नाम पर पांच से 12 हजार रुपये तक धन उगाही का आरोप लगाया। वहीं सुरेंद्र, आकाश, मुन्ना, हिमालय, मोती, जितेंद्र, सचिन, संदीप, सुनील, रामबली, छोटे लाल, ईश्वर, गोविंद, गोपी ने मनरेगा के तहत किए गए कार्यों का भुगतान न देने का आरोप लगाया। लीलावती, भोला राम, दिलवरी, नेसार सहित दर्जनों लोगों ने शौचालय निर्माण का धन आहरित होने के बावजूद शौचालय निर्माण न कराए जाने का आरोप लगाते हुए ग्राम प्रधान के मकान का घेराव किया। वहीं हऊदवा बस्ती निवासी रामा राम व जितेंद्र मौर्या का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा गांव में खडंजा लगाने के दौरान उनके दरवाजे पर रखा एक ट्रैक्टर ईंट का प्रयोग कर लिया। महीनों बीत जाने के बाद भी आज तक न तो उनकी ईंट वापस की गई और न ही उसकी कीमत अदा की गई। इधर धरने की सूचना पर एसआई होरिल यादव अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे तथा धरनारत प्रदर्शनकारियों का ग्राम प्रधान से वार्ता कराकर ग्राम प्रधान के द्वारा लिखित आश्वासन देने के बाद प्रदर्शन समाप्त कराया।