नया शिक्षा सत्र शुरू हुए एक महीना से ज्यादा का समय बीत चुका है। अभी तक 130 विद्यालयों में अगली कक्षा में गए करीब 6 हजार छात्र-छात्राओं का सत्यापन नहीं हो सका है।
बीएसए हेमंत राव ने बताया कि लापरवाही पर 17 परिषदीय विद्यालयों के सभी शैक्षणिक स्टाफ का वेतन कार्य पूरा होने तक रोक दिया गया है। वहीं अन्य विद्यालयों के कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
पिछले वर्ष सत्यापन की प्रक्रिया में विलंब होने के कारण वर्ष के अंतिम समय में हजारों बच्चों को डीबीटी का लाभ दिया गया था।
इस बार सत्र की शुरुआत से ही विद्यालय स्तर पर प्रोन्नति पाने वाले छात्र-छात्राओं का सत्यापन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) का लाभ बच्चों को दिया जा सकेगा।
इसके तहत प्रत्येक बच्चे को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और बैग के लिए 1200 रुपये उनके अभिभावक के खाते में भेजा जाएगा। सत्र के प्रारंभ होने के दिन पहली अप्रैल से यह कवायद की जा रही है।
17 परिषदीय, मान्यता प्राप्त माध्यमिक, राजकीय, समाज कल्याण तथा सहायता प्राप्त मदरसा समेत 130 विद्यालयों के करीब 6 हजार बच्चों का सत्यापन अब तक पूरा नहीं हो सका है। 17 परिषदीय विद्यालयों के सभी शैक्षणिक स्टाफ का वेतन काम पूरा होने तक रोक दिया गया है।