गाजीपुर। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए एक तरफ जहां जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। वहीं मामूली लक्षण मिलने पर भी मेडिकल किट प्रदान कर दवा का सेवन करने की सलाह दी जा रही है। ग्रामीण टीका लगवाने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में गांव का नेतृत्व करने वाले ग्राम प्रधान, बीडीसी एवं जिला पंचायत सदस्यों एवं उनके परिवार का वैक्सीनेशन कर लोगों को जागरूक करने का काम जिला प्रशासन कर रहा है। कोरोना की दूसरी लहर ने डेढ़ माह में जिले को ऐसा चपेट में लिया कि संक्रमित मरीजों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि होनी शुरु हो गई। यही नहीं मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ता देख स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ गई थी। जिला प्रशासन की ओर से 190 टीम का गठन किया गया और गांव-गांव जांच, दवा वितरण एवं वैक्सीनेशन को लेकर कार्य शुरु हुआ। सुबह-शाम डीएम द्वारा जब मानीटरिंग शुरु की गई तो पता चला कि कई गांवों में ग्रामीण टीकाकरण कराने से आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन ने गांव के ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं जिला पंचायत सदस्यों का पहले वैक्सीनेशन कराने का निर्देश दिया, जिससे ग्रामीणों में टीकाकरण को लेकर बनी हुई भ्रामक स्थिति समाप्त हो और वह अपना वैक्सीनेशन कराएं। जिलाधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए ग्राम प्रधानों, बीडीसी एवं जिला पंचायत सदस्यों का पहले टीकाकरण कराया जा रहा है, जिससे गांव के लोग जागरूक हों। हालांकि ग्राम प्रधान फ्रंटलाइन वर्कर भी हैं। ऐसे में इन्हें सुरक्षित करना भी जरूरी है।