पहले ही प्रयास में दीपक ने सिविल सेवा की परीक्षा में हासिल की 672वीं रैंक
कड़ी मेहनत और पक्के इरादे हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। इसे सच कर दिखाया है स्टेशन बाजार निवासी दीपक कुशवाहा ने। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में 672वीं रैंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
सबसे खास बात यह है कि दीपक ने यह सफलता अपने पहले ही प्रयास में हासिल की है। दीपक के पिता रामवृक्ष भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में स्टेशन बाजार के बजरंग कॉलोनी में रहते हैं। दो बहनों (जिनकी शादी हो चुकी है) के इकलौते भाई दीपक शुरु से ही मेधावी रहे हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा जमानिया में ही पूरी हुई।
वाराणसी से इंटरमीडिएट करने के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा के लिए एक वर्ष राजस्थान के कोटा में रहकर तैयारी की। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने प्रतिष्ठित एनआईटी वारंगल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने रायपुर स्थित एक मल्टीनेशनल कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्य किया।
प्रोजेक्ट मैनेजर जैसी शानदार नौकरी के बावजूद दीपक का सपना एक प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश और समाज की सेवा करने का था। इसी सपने को पूरा करने के लिए दो वर्ष पहले उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली का रुख किया।
उनके अटूट धैर्य और समर्पण का ही परिणाम है कि उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता का परचम लहरा दिया। सिविल सेवा की परीक्षा में बेटे की इस शानदार कामयाबी पर माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।