गाजीपुर। जिले में करीब 72 घंटे से यूपीकॉप पूरी तरह से फेल है। घर बैठे प्राथमिकी दर्ज करने जैसी सुविधाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। यहीं नहीं हत्या व अन्य बड़ी वारदात की प्राथमिकी की कॉपी लेना तो दूर पीड़ित देख भी नहीं पा रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि डाउनलोड और एफआईआर जैसी सुविधा से लोगों को वंचित होना पड़ रहा है। इधर, तकनीकी समस्या का दावा पुलिस अधिकारी कर रहे हैं।
स्मार्ट पुलिसिंग को लेकर सरकार ने कई कदम उठाए हैं। यह मुहिम पुलिस से लेकर आमजन के लिए बड़ी राहत और भरोसे का माध्यम बनी हुई है। यूपी पुलिस का यूपीकॉप एप और सिटीजन पोर्टल डिजिटल पुलिस स्टेशन की तरह काम कर रहा है। एप के माध्यम से न सिर्फ घर बैठे एफआईआर दर्ज करा रहे हैं। एप के जरिए 27 प्रकार की पुलिस सेवाओं का लाभ बिना थाने गए उठा रहे हैं।
यूपी कॉप एप में कई आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। इसमें रीयल-टाइम नोटिफिकेशन के जरिए आवेदकों को उनके आवेदन की स्थिति की तुरंत जानकारी मिलती है। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से लोकेशन ट्रैकिंग और एसओएस बटन जैसी सुविधाओं को भी अपग्रेड किया गया है।
इसके अलावा एप पर नजदीकी पुलिस स्टेशन को मैप पर देखने की सुविधा भी दी गई है, जो आपात स्थिति में काफी उपयोगी साबित हो रही है। एप से विभिन्न सेवाओं के निस्तारण में लगने वाले समय में भारी कमी आई है। इधर, तीन दिनों से यूपीकॉप के काम न करने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यूपीकॉप का संचालन लखनऊ के तकनीकी मुख्यालय से होता है। सर्वर डाउन होने से दिक्कत आती है। सर्वर ठीक होने पर यूपीकाॅप का संचालन होने लगेगा। - डाॅ. राकेश मिश्रा, एएसपी सिटी
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