पुलिस को सूचना दिए बिना परिजन दोनों को मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान मधु की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सुनील को वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। घटना की सूचना पर दुल्लहपुर पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल को सील कर साक्ष्य जुटाए गए।
अधिकारी बोले
सुनील चौहान अपनी मौसी के घर पर काफी दिनों से रहता है। मौसेरे भाई की बेटी मधु और सुनील ने धारदार हथियार से आत्महत्या करने का प्रयास किया। घरवाले उन्हें लेकर अस्पताल गए। वहां युवती की मौत हो गई। डॉक्टरों ने युवक को ट्राॅमा सेंटर रेफर कर दिया है। सुनील की हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। -ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद, एएसपी सिटी
देवरीबारी गांव में हुई इस घटना के समय घर पर इन दोनों के अलावा कोई और नहीं था। दादी लीलावती देवी ने बताया कि सुबह वह और घर के अन्य सदस्य खेत और बच्चे स्कूल चले गए थे। उसी समय यह घटना हो गई। मधु के पिता दुर्विजय चौहान कोलकाता में ट्रांसपोर्ट का कार्य करते हैं। वे जन्माष्टमी पर घर आए थे। दुर्विजय ने अपनी पत्नी ममता को बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए मऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। तीन बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी मधु डीएलएड फाइनल ईयर की छात्रा थी। पढ़ने में अच्छी थी। लीलावती देवी ने बताया कि सुरेंद्र चौहान की मौत के बाद उनका बेटा सुनील बचपन से उनके पास पला-बढ़ा है। वह भी डीएलएड की पढ़ाई कर रहा है। परिवार के लोग इस घटना से हतप्रभ हैं। ग्रामीण घटना को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं।