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UP: चीख सुनकर दौड़े परिजन, कमरे में खून से लथपथ मिले चाचा- भतीजी; एक की मौत, गले पर थे गड़ासे से वार के निशान

Fri, 29 Aug 2025 04:07 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।

सार

Ghazipur News: गाजीपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां खून से लथपथ भतीजी की मौत हो गई, जबकि चाचा गंभीर रूप से घायल है। दोनों के गले पर गड़ासे से वार के निशान थे। 
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घटनास्थल पर मौजूद महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजीपुर जिले के दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के देवरीबारी गांव में शुक्रवार को सुबह लगभग 9:30 बजे सुनील चौहान (25) और उसके रिश्ते में भतीजी मधु चौहान (23) खून से लथपथ बंद कमरे में पड़े मिले। दोनों के गले पर गड़ासे से वार के निशान थे। चीख-पुकार पर परिजन दोनों को मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल ले गए। वहां पर मधु की मौत हो गई, जबकि नाजुक हालत में सुनील को वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है। 

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पुलिस के अनुसार, दोनों ने आत्महत्या की कोशिश की थी। मधु डीएलएड फाइनल ईयर की छात्रा थी, जबकि सुनील भी डीएलएड की पढ़ाई कर रहा है। परिवार के लोगों ने तहरीर नहीं दी है। वहीं, प्रेम संबंध को लेकर भी चर्चाएं हैं। 

थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के हरौली गांव का सुनील चौहान बचपन से देवरीबारी गांव में अपने सगे मौसेरे भाई दुर्विजय चौहान के घर पर रहता है। सुबह करीब 9:30 बजे अचानक चीख-पुकार मचने पर परिजन और आसपास के लोग पहुंचे तो कमरा अंदर से बंद था। किसी तरह कमरा खोला गया तो अंदर खून से लथपथ सुनील और मधु पड़े थे। दोनों के गले पर गड़ासे से वार था।

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पुलिस को सूचना दिए बिना परिजन दोनों को मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान मधु की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सुनील को वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। घटना की सूचना पर दुल्लहपुर पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल को सील कर साक्ष्य जुटाए गए।

अधिकारी बोले
सुनील चौहान अपनी मौसी के घर पर काफी दिनों से रहता है। मौसेरे भाई की बेटी मधु और सुनील ने धारदार हथियार से आत्महत्या करने का प्रयास किया। घरवाले उन्हें लेकर अस्पताल गए। वहां युवती की मौत हो गई। डॉक्टरों ने युवक को ट्राॅमा सेंटर रेफर कर दिया है। सुनील की हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। -ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद, एएसपी सिटी
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घटना के समय घर पर नहीं था कोई और, मऊ में ऑपरेशन के लिए भर्ती थी मां

देवरीबारी गांव में हुई इस घटना के समय घर पर इन दोनों के अलावा कोई और नहीं था। दादी लीलावती देवी ने बताया कि सुबह वह और घर के अन्य सदस्य खेत और बच्चे स्कूल चले गए थे। उसी समय यह घटना हो गई। मधु के पिता दुर्विजय चौहान कोलकाता में ट्रांसपोर्ट का कार्य करते हैं। वे जन्माष्टमी पर घर आए थे। दुर्विजय ने अपनी पत्नी ममता को बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए मऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। तीन बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी मधु डीएलएड फाइनल ईयर की छात्रा थी। पढ़ने में अच्छी थी। लीलावती देवी ने बताया कि सुरेंद्र चौहान की मौत के बाद उनका बेटा सुनील बचपन से उनके पास पला-बढ़ा है। वह भी डीएलएड की पढ़ाई कर रहा है। परिवार के लोग इस घटना से हतप्रभ हैं। ग्रामीण घटना को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं।  
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