गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एमपी/ एमएलए कोर्ट शक्ति सिंह की अदालत ने उमर अंसारी के बाद उनके वकील लियाकत अली की भी अग्रिम जमानत अर्जी शुक्रवार को खारिज कर दी। उमर अंसारी इस समय जिला जेल में हैं। वहीं, उनके वकील लियायत अली को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। आईएस-191 गैंग के सरगना रहे मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी के नाम की शहर कोतवाली के देवड़ी बल्लभ दास में माैजूद संपत्ति कुर्क की गई थी। गैंगस्टर एक्ट में कुर्क संपत्ति को छुड़ाने के लिए मुख्तार के छोटे बेटे उमर अंसारी ने कोर्ट में अधिवक्ता लियाकत अली के जरिये अर्जी दाखिल की थी। इसमें उमर ने मां 50 हजार की इनामी आफ्शा अंसारी का फर्जी हस्ताक्षर किया था। मामला प्रकाश में आने पर मुहम्मदाबाद कोतवाली में उमर अंसारी और उसके अधिवक्ता लियाकत अली के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने उमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, इस मामले में शुक्रवार को वकील लियाकत अली ने एडीजे शक्ति सिंह की कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की। अग्रिम जमानत अर्जी का जिला शासकीय अधिवक्ता ने विरोध किया। कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।