गाजीपुर। जनपद में विलय से रिक्त हुए प्राइमरी स्कूलों के 88 भवनों में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से बाल वाटिका का संचालन किया जा रहा है। इससे 3 से 6 वर्ष के उम्र के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा बेहतर होगी। जनपद में जिन प्राइमरी स्कूलों में 50 बच्चों से कम संख्या थी, उनका विलय कर दिया गया। विभिन्न विकासखंडों में ऐसे विद्यालयों की संख्या 104 है। इनमें से 88 विद्यालयों के भवनों में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से बाल वाटिका का संचालन बीते 15 अगस्त से किया जा रहा है। इससे तीन से छह वर्ष के उम्र के बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा मनोरंजक होगी। बाल वाटिका में खेल आधारित शिक्षा, सर्जनात्मक गतिविधियां, सामूहिक गतिविधियां, भाषाई विकास, स्वास्थ्य व पोषण शामिल है।खेल-आधारित शिक्षा के तहत बाल वाटिका में बच्चों को खेल-आधारित गतिविधियों के माध्यम से सिखाया जाता है। कला, शिल्प, कहानी सुनाना, नृत्य और संगीत जैसी गतिविधियों से बच्चों की कल्पना और रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया जाता है। सामूहिक गतिविधियों के तहत बच्चों को समूह में काम करने के अवसर दिए जाते हैं। भाषाई विकास में मातृभाषा के साथ-अन्य भाषाओं का भी परिचय कराया जाता है। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर भी ध्यान दिया जाता है। इसमें स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच शामिल है। जनपद में 4127 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। यहां 4100 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व 2800 सहायक की तैनाती है। 3 लाख 72 हजार 237 लाभार्थी पंजीकृत हैं।
इनमें धात्री व गर्भवती महिलाओं की संख्या 38 हजार 991 है। 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चे 1 लाख 53 हजार 489 हैं। संवाद