उदंती नदी में बाढ़ आने से डूबी किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल।
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बहरियाबाद। उदंती नदी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। बाढ़ के पानी में सैकड़ों बीघा फसल डूबकर जलमग्न हो चुकी है। कुछ खेतों में फसल दिखाई भी पड़ रही है, तो वह खराब होने के कगार पर है। इसके चलते चकफरीद, चकसदर, भरतपुर, कबीरपुर, भवरूपुर, आसपुर, उनरापुर, झगियां, हरतरा, डोरा और मजुई गांव के किसान प्रभावित हैं, लेकिन उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं हैं। यही नहीं बीते वर्ष भी धान की फसल डूबी थी। गुहार लगाने के बावजूद भी मुआवजा नहीं मिला। ऐसे में करीब एक बीघा में पांच हजार रुपये से अधिक की लगात और मेहनत पर पानी फिर चुका है। आजमगढ़ जिले से निकलकर जखनियां तहसील के बहरियाबाद थाना क्षेत्र के कबीरपुर गांव के पास उदंती और दोना का संगम स्थल है। यहां से उदंती का बहाव तेज हो जाता है। लगातार वर्षा के चलते करीब एक सप्ताह से उदंती नदी अपने उफान पर है। कबीरपुर पुल से डोरा पुल तक के तटवर्ती इलाकों की खेत में खड़ी धान की फसल डूब चुकी है। कहीं-कहीं तो फसल पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी है। देखने से सिर्फ यही पता चल रहा है कि वह क्षेत्र भी नदी का ही है। अभी एक वर्ष पूर्व बाढ़ की विभीषिका ऐसी थी कि फसल तो जलमग्न हुई ही थी, तटवती इलाकों में पानी घुसने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। ऐसे में बीते वर्ष किसान डूबकर नष्ट हुई फसलों के मुआवजा के लिए तहसील स्तर से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से गुहार लगाई थी, लेकिन किसी की भी नींद आज तक नहीं टूट सकी।