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कठवामोड़ पुल को तोड़ने की कवायद शुरू

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कठवामोड़ पुल को तोड़ने की तैयारी में जुटे कार्यदाई संस्था के कर्मचारी। - फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर। गाजीपुर-बलिया राजमार्ग पर कठवामोड़ के पास स्थित बेसो नदी के जर्जर पुल को तोड़ने की कवायद शुरू हो गई। विकल्प के रूप में पुल के नीचे बाईपास सड़क पर आवागमन जारी है। गत 22 फरवरी को सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और विधायक अलका राय ने यहां फोर लेन के तहत बनने वाले पुल का शिलान्यास किया था। इस पुल को मित्तल ब्रदर्स इंजीनियर्स एंड कांट्रेक्टर की ओर से बनवाया जा रहा है। इस संस्था को इस जर्जर पुल को तोड़कर नए सेतु का निर्माण कराना है। बेसो नदी पर बना पुल करीब सात दशक पुराना था, जिसकी हालत बहुत जर्जर हो गई थी। इस पुल से कासिमाबाद, रसड़ा, देवरिया, सलेमपुर के अलावा भरौली होते हुए बिहार के बक्सर, पटना, माझी घाट आदि जाते हैं। एनएचआई ने पुल की जर्जर हालत देखते हुए उसे बंद करा दिया। यहां डायवर्जन के रूप में एक बाईपास सड़क बनाई गई है। पुल पर हल्के वाहन और डायवर्जन रुट पर बड़े वाहनों का आना-जाना था। अब हर प्रकार के वाहन बाईपास सड़क से ही आ जा रहे हैं। यहां फोरलेन भी प्रस्तावित है। यहां बन रहा नया पुल भी उसी फोरलेन के तहत ही बनाया जा रहा है। कार्यदाई संस्था के अवर अभियंता विजय मित्तल ने बताया कि ब्रेकर मशीन से पुल को करीब 20 दिन में तोड़ दिया जाएगा। पुरानी जगह पर ही फोरलेन के अनुसार नया पुल बनाया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने में करीब डेढ़ वर्ष तक का समय लग जाएगा।
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