भांवरकोल। क्षेत्र के मुड़ेरा बुजुर्ग गांव में 63 व 25 केवीए के दो ट्रांसफॉर्मर एक सप्ताह से फूंके हुए हैं। इसके कारण तीन हजार की आबादी के समक्ष बिजली-पानी का संकट खड़ा हो गया है। बिजली आपूर्ति ठप होने से प्रचंड गर्मी में 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
डॉ. इसरार अहमद, रजनीश राय, पंकज राय और दीपक राम ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर फूंकने की सूचना बिजली निगम के अभियंताओं को दे दी गई है। इसके बावजूद कोई पहल नहीं हुई। शासनादेश है कि फूंके हुए ट्रांसफॉर्मरों को 48 घंटे में बदला जाए। गांव में दोनों ट्रांसफॉर्मरों के फूंके हुए एक सप्ताह हो गए, लेकिन अभी तक नया ट्रांसफॉर्मर नहीं लगाया गया। इसके कारण एक सप्ताह से गांव में बत्ती गुल है। बिजली कटौती होने के कारण पेयजल आपूर्ति भी बाधित है। सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शो-पीस हो गए हैं। दिन का समय किसी तरह से गुजर जा रहा है, लेकिन रात का समय गुजारने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं व बच्चों को हो रही है। मोबाइल चार्जिंग के लिए दूसरे गांवों का सहारा लेना पड़ रहा है। करीमुद्दीनपुर एसडीओ अमित राय ने बताया कि जल्द ही दोनों फूंके हुए ट्रांसफॉर्मरों को बदल दिया जाएगा।
बार-बार बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी
गाजीपुर। बिजली निगम के तमाम दावों के बावजूद शहर में निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। बिजली कब आएगी और कब जाएगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। मनमाने तौर से बिजली कटौती से लोगों के रातों की नींद उड़ गई है। साथ ही दिन का चैन भी छीन गया है।
किसी मोहल्ले में एक फेज लाइट रह रही है, तो कहीं दूसरे फेज में नहीं। लो-वोल्टेज की समस्या से भी लोग पीड़ित हैं। सोमवार को शहर के कपूरपुर, झिंगुरपट्टी, टाउनहाल, आमघाट कॉलोनी समेत गौसाबाद, रौजा आदि जगहों पर 10 से बार बिजली कटौती की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति और भी दयनीय है। गांवों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से लचर है। कहीं केबल जल जा रहा है, तो कहीं ट्रांसफॉर्मर फुंक जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कटौती का असर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। अंधाधुंध बिजली कटौती के कारण ग्रामीणों को हैंडपंप पर कतार लगानी पड़ रही है। वहीं बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना ने बताया कि शहर में 23 तो गांवों में 17 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि फाॅल्ट होने पर तुरंत दुरुस्त करें।
अंधेरे में कैसे होगी, छात्रों की पढ़ाई
गाजीपुर। बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी होने का असर छात्रों की पढ़ाई पर भी देखने को मिल रही है। घर पर छात्र तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। इससे सबसे अधिक परेशान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र हैं। फाल्ट होने की दशा में काफी देर बाद बिजली कर्मी उसको दुरुस्त करते हैं।