पड़ताल की खबर में...रोडवेज डिपो भवन की खिड़की का टूटा शीशा।संवाद
गाजीपुर। जनपद में दो रोडवेज डिपो हैं। एक जिला मुख्यालय पर और दूसरा 30 किलोमीटर दूर जमानिया में है। जिला मुख्यालय स्थित डिपो से रोजाना करीब चार हजार यात्री सफर करते हैं और करीब सात लाख रुपये का राजस्व मिलता है। इसके बावजूद यात्रियों के लिए सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं।
चार हजार यात्रियों के लिए महज दो शौचालय और चार यूरिनल हैं। पेयजल के नाम पर केवल एक वाटर कूलर है। वहीं जमानिया डिपो में पूछताछ केंद्र से लेकर विभिन्न कमरों और काउंटरों पर ताले लटके हैं।
जिला मुख्यालय स्थित रोडवेज डिपो का अगला हिस्सा साफ-सुथरा नजर आता है, लेकिन पीछे जाने पर बदहाली की तस्वीर सामने आती है। परिसर में लंबी घास उगी है।
दो मंजिला भवन से जलनिकासी के लिए लगाए गए पाइप में लीकेज के कारण दीवार पर काई की मोटी परत जम गई है। चार प्लेटफॉर्म के लिए केवल तीन बोर्ड लगाए गए हैं।
एक प्लेटफॉर्म पर बोर्ड नहीं होने से यात्रियों को बसों की सही जानकारी नहीं मिल पाती और उन्हें भ्रमित होना पड़ता है।
वेटिंग हॉल में तीन पंखे लगे हैं, जिनमें एक बंद मिला। भवन की एक मंजिल पर खिड़कियों के शीशे टूटे हैं। महिला और पुरुष यात्रियों के लिए एक-एक शौचालय है। ऐसे में एक शौचालय के इस्तेमाल में होने पर दूसरे यात्री को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
पड़ताल की खबर में...रोडवेज डिपो भवन की खिड़की का टूटा शीशा।संवाद
पड़ताल की खबर में...रोडवेज डिपो भवन की खिड़की का टूटा शीशा।संवाद
पड़ताल की खबर में...रोडवेज डिपो भवन की खिड़की का टूटा शीशा।संवाद