फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: दर्शन करने के लिए दो सहेलियों के साथ घाट पर गईं दो सगी बहनें नहाने के दौरान गंगा में डूबीं

विज्ञापन
चोचकपुर स्थित मौनी बाबा गंगा घाट पर गंगा में सगी बहनों के डूबने के बाद जुटे परिजन व ग्रामीण। सं
विज्ञापन
करंडा (गाजीपुर)। चोचकपुर स्थित मौनी बाबा गंगा घाट पर बाबा के दर्शन करने के लिए कहकर दो सहेलियों के साथ गईं दो सगी बहनें माही सिंह (15) और महिमा सिंह (13) मंगलवार को गंगा में नहाने के दौरान डूब गईं।
विज्ञापन

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़कर गंगा में नहा रही थीं। गंगा में तेज बहाव के चलते वह चपेट में आ गईं। फिलहाल पुलिस स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश में जुटी हुई है।
सदर नायब तहसीलदार दिनेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि घाट पर ग्रामीणों ने जानकारी दी कि बसंतपट्टी गांव निवासी माही और महिमा अपनी दो अन्य सहेलियों के साथ मौनी बाबा गंगा घाट पर स्नान करने गई थीं। दोपहर करीब एक बजे स्नान के दौरान गंगा के तेज बहाव की चपेट में आने से दोनों डूब गईं। घाट पर बैठे सहेलियों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तबतक दोनों सगी बहन पानी में समा चुकी थीं।मौके पर सदर एसडीएम न्यायिक रणविजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस और राजस्व टीम पहुंच गई। सदर नायब
विज्ञापन

तहसीलदार दिनेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश की जा रही है। एसडीआरएफ को भी हादसे की सूचना दे दी गई है। प्रभारी थानाध्यक्ष अखिलेश यादव ने बताया कि गंगा में नहाते समय डूबी दोनों बहनों का अबतक पता नहीं चल सका है। स्थानीय गोताखोरों की मदद ली जा रही है।
मां बेटे का दाखिला कराने गई थी लखनऊ
बसंतपट्टी गांव निवासी और बीडीसी मनीष सिंह ने बताया कि माही सिंह और महिमा सिंह की मां बबिता सिंह बेटे किशन सिंह का दाखिला कराने के लिए लखनऊ गई हुई थीं। घर पर माही सिंह और महिमा सिंह अपने चचेरे दादा शेषनाथ सिंह, चाचा व चाची के साथ थीं। वह गांव की दो सहेलियों के साथ चचेरे दादा को बताकर मौनी बाबा के दर्शन-पूजन के लिए निकली थीं। हादसे की जानकारी होने पर मां बबिता सिंह बेटे किशन सिंह के साथ गांव के लिए रवाना हो गईं।
घाट पर न बैरिकेडिंग न चेतावनी बोर्ड
चोचकपुर स्थित मौनी बाबा गंगा घाट पर बाढ़ के कारण गंगा नदी की धारा काफी तेज है। इसके बावजूद घाट पर सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था नहीं है। यही नहीं चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगा है। जबकि डीएम ने गंगा घाटों पर चेतावनी बोर्ड और स्थानीय गोताखोरों के नंबर सहित अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया था, बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई थी। दोनों सगी बहनों के पिता मदनसेन सिंह का करीब दो वर्ष पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था। वह पुलिस विभाग में कार्यरत थे।

चोचकपुर स्थित मौनी बाबा गंगा घाट पर गंगा में सगी बहनों के डूबने के बाद जुटे परिजन व ग्रामीण। सं

चोचकपुर स्थित मौनी बाबा गंगा घाट पर गंगा में सगी बहनों के डूबने के बाद जुटे परिजन व ग्रामीण। सं

चोचकपुर स्थित मौनी बाबा गंगा घाट पर गंगा में सगी बहनों के डूबने के बाद जुटे परिजन व ग्रामीण। सं

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें