शहर के किलाकोहना मुहल्ले में स्थित औघड़ संप्रदाय के बौड़हिया बाबा मठ की व्यवस्था को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए।
मठ की वर्षों से देखरेख कर रही प्राचीन बौड़हिया बाबा सेवा समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि औघड़ संप्रदाय के सर्वेश्वरी समूह के लोग यहां श्वेत झंडा लगाकर परंपरा के खिलाफ पूजन व्यवस्था को शुरू करना चाहते हैं। जबकि मठ में सैकड़ों वर्ष से काले झंडे के तहत औघड़ संप्रदाय की पूजा होती है। दोनों परंपराओं के तौर-तरीकों और पूजन-पद्धति में काफी अंतर है। इस मठ में 5 सितंबर को कीनाराम बाबा का जन्मोत्सव में मनाया गया था। उसी दौरान यहां सर्वेश्वरी समूह के लोगों ने श्वेत झंडा लगाकर पूजन किया था। जबकि सर्वेश्वरी समूह के मंटू राय का आरोप है कि मठ में शादी-विवाह के दौरान डीजे आदि बजाया जाता है, जिससे शोरगुल होता है। इससे मठ की व्यवस्था भंग होती है। मांग की कि मठ के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। डीजे आदि बजाने पर रोक लगे। पिछले दिनों दोनों पक्षों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के सामने अपनी-अपनी बात रखी थी। प्राचीन बौड़हिया बाबा सेवा समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रहरि का कहना है कि हमारा विरोध सिर्फ श्वेत झंडे को लेकर है। यहां कोई भी पूजा, भक्ति करे उस पर कोई रोक नहीं है। मठ में सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे। डीजे बजने का मामला सामने आया है। बैठक में इन सभी पहलूओं पर बात हुई और बहुत सादे समारोह में गरीब परिवारों के शादी-विवाह का कार्यक्रम आयोजित कराया जाएगा।