गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश एससी एवं एसटी एक्ट चंद्रप्रकाश तिवारी की अदालत ने शुक्रवार को जंगीपुर थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास के 18 साल पुराने मामले में दो सगे भाइयों को सात साल के कैद की सजा सुनाई। उनमें से प्रत्येक पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन के अनुसार जंगीपुर थाना क्षेत्र के बेनीकापूरा अलावलपुर गांव निवासी वीरेंद्र ने रिपोर्ट लिखाई थी कि उसकी तीन बीघा जमीन का मुकदमा जखनिया और सैदपुर में महेंद्र यादव से चल रहा है। हम लोग जमीन में काबिज हैं। एक जुलाई 2004 को आठ बजे शाम वादी के पिता राजाराम जंगीपुर से बाइक से घर आ रहे थे। काली धाम मोड़ पर महेंद्र यादव, लूरखुर यादव और एक किशोर ने ललकारा की गोली मारकर हमेशा के लिए खत्म कर दो। मुकदमे की पैरवी नहीं करेगा। महतिम यादव ने तमंचे से गोली मार दी। गोली मेरे पिता की गर्दन में लगी। लोगों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। दौरान विचारण आरोपी लूरखुर यादव की मौत हो गई। एक आरोपी किशोर होने के कारण उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोड को भेजी गई। दौरान विचारण अभियोजन कि तरफ से विशेष लोक अभियोजक प्रदीप चतुर्वेदी ने कुल सात गवाहों को पेश किया। सभी ने घटना का समर्थन करते हुए अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने महेंद्र यादव और महतिम यादव को उपरोक्त सजा सुनाई है।