चंदन गुप्ता की मौत पर कासिमाबाद सीएचसी पर रोते-बिलखते परिजन। संवाद
गाजीपुर। जिले के दो अलग- अलग थाना क्षेत्रों में सड़क हादसे में तेज रफ्तार पिकअप मजदूर चंदन गुप्ता (27) और अज्ञात वाहन के धक्के से जगदीश बिंद (55) की मौत हो गई। अज्ञात वाहनों के खिलाफ पुलिस प्राथमिकी दर्जकर जांच कर रही है। कासिमाबाद कोतवाल राज नारायण ने बताया कि गंगौली गांव निवासी जवाहर गुप्ता ने तहरीर देकर दी कि छोटा भाई चंदन गुप्ता घर से बाइक लेकर तेल भरवाने के लिए कादीपुर गांव स्थित पेट्रोल पंप पर गया था। पेट्रोल पंप से बाइक से घर आ रहे थे।
गांव के सामने शिव मंदिर के पास दोपहर डेढ़ बजे सामने से आ रहे तेज रफ्तार अनियंत्रित पिकअप ने टक्कर मार दिया। टक्कर में छोटे भाई के सिर में गंभीर चोट आई। आसपास के ग्रामीणों ने तत्काल घटना की सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन घायल चंदन गुप्ता को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। जहां डॉक्टरों ने चंदन गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। कोतवाल राज नारायण ने बताया कि जवाहर गुप्ता की तहरीर पर अज्ञात पिकअप चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्जकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
नंदगंज : थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा ने बताया कि रामपुर बंतरा गांव निवासी चंदन कुमार ने तहरीर देकर जानकारी दी कि पिता जगदीश बिंद रविवार की रात नंदगंज बाजार से पैदल ही रोड पार कर रहे थे। तभी अज्ञात वाहन के धक्के से गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने इलाज के लिए मेडिकल काॅलेज अस्पताल में भर्ती कराया।
हालत नाजुक होने पर डाॅक्टरों ने उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से परिजनों के रोने- बिलखने से दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा ने बताया कि अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
हेलमेट लगाया होता चंदन तो बच जाती जान
गंगौली गांव निवासी जवाहर गुप्ता ने बताया कि छोटा भाई चंदन गुप्ता तीन भाईयों में सबसे छोटा था। पिता का निधन हो चुका है। छोटा भाई गांव में किराने दुकान पर मजदूरी करता था। परिजनों एवं ग्रामीणों ने बताया कि अगर छोटा भाई चंदन गुप्ता हेलमेट लगाया होता तो आज उसकी जान बच गई होती। बेटे की मौत की जानकारी होते ही मां जानकी देवी रोते- रोते अचेत हो जा रही थी। गांव की महिलाएं समझाने - बुझाने में जुटी हई थीं। इधर ग्रामीण परिजनों को सांत्वना देने में जुटे हुए थे।