गाजीपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के पत्थर घाट में स्वाइन फ्लू से सुनीता देवी
की मौत के बाद अब उसके घर में एक और महिला और उसके बच्चे में भी इस बीमारी
के लक्षण मिले हैं। दोनों को इलाज के लिए किंग जार्ज मेडिकल कालेज, लखनऊ
ले जाया गया है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई एहतियाती कदम नहीं
उठाया गया।
पत्थर घाट निवासी आलोक यादव के मुताबिक तीन दिन पूर्व 18
मार्च को स्वाइन फ्लू से उनके परिवार की गर्भवती महिला सुनीता देवी की मौत
हो गई थी। उसे इलाज के लिए परिवार की ही प्रियंका यादव अपने पांच माह के
पुत्र के साथ वाराणसी ले गई थी। यहां से सुनीता को लखनऊ के किंग जार्ज
मेडिकल कालेज ले जाया गया था। प्रियंका यादव एवं उनका पांच माह का पुत्र भी
साथ लखनऊ गया था।
वहां स्वाइन फ्लू से सुनीता की मौत हो जाने के बाद
परिजनों ने प्रियंका यादव एवं उनके पुत्र के खून की जांच मेडिकल कालेज में
ही कराई थी। मेडिकल कालेज के डाक्टरों ने परिजनों से कहा था कि जांच
रिपोर्ट यदि पाजिटिव आती है, तो इसकी सूचना मोबाइल पर दे दी जाएगी। शनिवार
की सुबह मेडिकल कालेज से खून की जांच में प्रियंका और उसके पुत्र में
स्वाइन फ्लू पाजिटिव होने की सूचना दी गई।
यह सुनकर परिवारीजनों के होश उड़
गए। परिवारीजनों ने इसकी सूचना सीएमओ डा. एमपी सिंह को दी। सीएमओ ने मौके
पर संक्रामक विभाग के अधिकारियों को भेजने की बात कही। काफी देर बाद भी जब
कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो परिवारीजन मां-बेटे को इलाज के लिए खुद
अपने संसाधन से किंग जार्ज मेडिकल कालेज, लखनऊ रवाना हो गए। वहीं परिजेनों
का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई जांच टीम नहीं पहुंची
है।