कोतवाली क्षेत्र के गौसलाजमपुर गांव के दलित बस्ती में शुक्रवार की दोपहर अज्ञात करणों से आग लग गई और आठ परिवार की दर्जन भर रिहायसी झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। वहीं झोपड़ी में सो रहे चुन्नू यादव के दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। सूचना मिलने पर पहुंचे दमकल कर्मियों और ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया।
आग की घटना में गोसलाजमपुर की दलित बस्ती के निवासी सदानंद राम, केशव राम, मंशी देवी, ओमप्रकाश राम, मंगल राम, हरिकेष राम, हरिंद्र राम एवं चुन्नू यादव की एक दर्जन झोपड़ियां जल गईं। वहीं झोपड़ी में सो रहे चुन्नू यादव के दो मासूम जुड़वा बच्चे गंभीर रूप झुलस गए। बच्चों को बचाने में पिता चुन्नू यादव भी झुलस गए। ग्रामीणों ने तीनों को इलाज के प्राथमिक स्वास्थ्य पर भर्ती कराया। चिकित्सकों ने तीनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
आग लगने की जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों और ग्रामीणों ने आग पर किसी तरह काबू पाया। वहीं घटना की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार रामाश्रय और कोतवाल केके मिश्रा भी मौके पर पहुंच गए।
कासिमाबाद थाना के बड़ईपुर चट्टी पर गुरुवार की रात आग लगने से दो गुमटियां जल गईं। जिससे उनमें रखा हजारों रुपये का सामान जल गया। मिश्रवली गांव निवासी सुरेश शर्मा के सैलून की दूकान में रात अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने केदार चौहान के किराना की गुमटी को भी आगोश में ले लिया। आग की उठती लपटें देख लोग जब-तक वहां पहुुंचते दोनों गुमटियां जल र्गइं। किसी तरह लोगों ने आग पर काबू पाया।
स्थानीय थाना क्षेत्र के बैजलपुर गांव में शुक्रवार की दोपहर महेंद्र पुरी के खेत में लगा पंपिंग सेट व मड़हा जल गया। बताया जाता है कि दोपहर में पंपिंग सेट चलने के दौरान इंजन से निकली चिंगारी ने आग का रूप ले लिया और देखते ही देखते पूरा मड़हा जलकर राख हो गया।