दुल्लहपुर। थाना क्षेत्र के बेचू लाल दुल्लहपुर मठिया बस्ती में एक दिन पूर्व जंगली खरपतवार खाने वाली दो बालिकाओं की बुधवार की देर शाम मौत हो गई। बृहस्पतिवार को दोनों शव घर पहुंचते परिजनों के रोने-बिलखने लगे। ग्रामीणों की दरवाजे पर भीड़ लग गई। गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देकर शांत कराने में जुटे रहे। पुलिस को सूचना दिए बिना ही परिजनों ने ग्रामीणों की सहायता से दोनों को बस्ती से कुछ दूरी पर स्थित मगई नदी के किनारे शव को दफनवा दिया।
बस्ती निवासी जितेंद्र बासफोर की ढाई वर्षीय पुत्री अन्नू और पड़ोसी अनिल बासफोर की तीन वर्षीय पुत्री चांदनी बीते सात नवंबर की दोपहर में खेल रही थीं। इसी दौरान दोनों झाड़ियों में मटर जैसा देख एक जंगली खरपतवार खा लिया। देर शाम दोनों को उल्टी शुरू हो गई। परिवार के लोग दोनों को उपचार के लिए निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया। हालत में सुधार न होने पर दोनों को उपचार के लिए चिकित्सकों ने मऊ स्थित अस्पताल भेज दिया। जहां, इलाज के दौरान पहले अन्नू की शाम पांच बजे मौत हो गई। फिर दो बजे रात चांदनी की भी मौत हो गई। परिवार के लोग शव लेकर घर आए। बस्ती में दो बालिकाओं की मौत से परिजनों के रोने-बिलखने से चीख-पुकार मच गई। रोने की आवाज सुनकर ग्रामीणों की भीड़ दरवाजे पर जुट गई। गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे। घटना के दूसरे दिन ग्रामीणों की सहायता से परिजनों ने शव को मगई नदी के किनारे दफनवा दिया। दुल्लहपुर थानाध्यक्ष अकोश मिश्रा ने बताया कि इस तरह के किसी घटना की जानकारी मुझे नहीं है।