सुहवल क्षेत्र के मेदिनीपुर तिराहे के पास वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस एक जाइलो गाड़ी से 3 किलो दो सौ ग्राम हेरोइन के साथ पांच तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। बरामद हेरोइन की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत सवा तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है।
बुधवार को पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने पत्रकार वार्ता में इसका खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए तस्कर हेरोइन के धंधे में लंबे समय से लिप्त हैं और बड़े पैमाने पर हेरोइन खरीद और बिक्री का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि
मंगलवार की शाम सुहवल थानाध्यक्ष प्रवीण यादव मेदिनीपुर तिराहे पर हमराहियों के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान बिना नंबर की एक जाइलो गाड़ी आती दिखाई दी। गाड़ी रोक कर उसमें सवार पांच लोगों को नीचे उतार कर
तलाशी ली गई। इस दौरान गाड़ी से 3 किलो 2 सौ ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पांच तस्करों के पास से पांच मोबाइल और 45 सौ रुपये भी मिले। पुलिस गाड़ी सहित सभी आरोपियों को थाने लाई। गिरफ्तार लोगों में कोतवाली क्षेत्र के जैनेंद्र प्रताप
उर्फ मुन्ना, खानपुर थाना क्षेत्र के बबलू कुमार पासी, जमानिया के मुहम्मदपुर के अब्बास खां, दिलदारनगर थाना के सरैला निवासी सुभाष कुशवाहा और कोतवाली क्षेत्र सकरताली निवासी प्रेमचंद्र भारती शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के
खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया। एसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
एसपी ने बताया कि पकड़े गए तस्कर हेरोइन के धंधे में काफी समय से लिप्त हैं। तस्कर राजस्थान से 2 लाख रुपये प्रति किलो की दर से हेरोइन की खरीद करते थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों सहित झारखंड, आसाम आदि जिलों में इसकी बिक्री 3 लाख रुपये किलो के हिसाब से करते थे।
तीन किलो दो सौ ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया अब्बास वर्षों से हेरोइन का धंधा कर रहा है। उसके साथ कई लोग काम करते हैं। वर्ष 2008 में वाराणसी नारकोटिक्स ने अब्बास को गिरफ्तार किया था। एसपी ने बताया कि अब्बास 2007 से
हेरोइन का काला धंधा कर रहा है। अभी तक लगभग 20 से 25 किलो हेरोइन तस्करी कर चुका है। पुलिस इसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ रहा था।