करंडा के बंदीपट्टी डिहवा गंगा किनारे से शनिवार को लखनऊ से आई एसटीएफ ने दो हैंड ग्रेनेड के साथ छह शातिरों को धर-दबोचा। साथ ही छह मोबाइल और एक हजार नकदी भी बरामद किया। पूछताछ के बाद पुलिस ने सभी का चालान कर दिया।
लखनऊ के पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ धर्मेश कुमार शाही को इसकी सूचना मिली थी। इस पर उन्होंने एसटीएफ उपनिरीक्षक अतुल चतुर्वेदी के नेतृत्व एसआई प्रदीप सिंह, मुख्य आरक्षी नीरज कुमार पांडेय, सुशील कुमार सिंह, आरक्षी कमांडो विनोद कुमार को निर्देशित किया। टीम को विशेष सूत्र से जानकारी मिली कि करंडा के बंदी पट्टी डिहवा में गंगा किनारे कुछ लोग हैंड ग्रेनेड लेकर मौजूद है और इससे किसी बड़े अपराधी को बेचने की फिराक में हैं। इस पर एसटीएफ टीम तत्काल गंगा किनारे पहुंची आवश्यक बल प्रयोग करते हुए करंडा के डिहवा दामोदरपुर निवासी विनय सिंह उर्फ विक्की, बंदीपट्टी निवासी महेश राजभर, सिकंदरपुर निवासी नवीन पासवान, अभिषेक सिंह, दामोदरपुर निवासी रोहन राजभर और नंदगंज के बरहपुर निवासी मनीष सिंह को दबोच लिया। इनके पास से दो हैंड ग्रेनेड, छह मोबाइल व एक हजार नकद रुपये बरामद किया गया।
चेन्नई से लाए थे हैंडग्रेनेड
गाजीपुर। पूछताछ पर गिरफ्तार अभियुक्त महेश राजभर ने बताया कि उसके गांव के रहने वाले अरविंद, रोहित व बृजभान चेन्नई में काम करते हैं। वहीं से यह जीवित हैंड ग्रेनेड लेकर आए थे। इन सभी को यह ग्रेनेड देकर बताया कि इसे को किसी अच्छे अपराधी/माफिया गिरोह को बेचना है। इसके बाद से यह गाजीपुर, वाराणसी में कई जगहों पर इसे बेचने का प्रयास कर रहे थे।
इसी दौरान नवीन के माध्यम से इनका कुख्यात माफिया धनजी गिरोह का सक्रिय सदस्य व करंडा के हिस्ट्रीशीटर विनय सिंह उर्फ विक्की से संपर्क हुआ। विनय उर्फ विक्की वर्ष-2019 में हुई जिला पंचायत सदस्य पप्पू यादव की हत्या में शामिल था और हाल ही में जेल से छूटकर आया है। इसे ही हैंड ग्रेनेड को बेचने की बात चल रही थी। इसीलिए यह सभी एकत्र हुए थे। विनय के खिलाफ करंडा थाने में कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं।