गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो प्रथम राकेश कुमार सप्तम की अदालत ने बुधवार को नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी श्रीनिवास उर्फ सियाराम को 10 साल की कारावास सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। वहीं दूसरे आरोपी राधेश्याम को पांच वर्ष की कारावास और 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाय। अर्थदंड की राशि से 75 प्रतिशत पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार जमानिया कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर दी थी कि उसकी नाबालिग पुत्री 2 मार्च 2016 से लापता है। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि भोला राजभर व सियाराम पुत्री को बहला फुसलाकर भगा ले गए हैं। इस कृत्य में राधेश्याम, कुसुम देवी, हृदय राजभर ने भी सहयोग किया था। वादी की सूचना पर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने दौरान विवेचना पीड़िता को बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना उपरांत आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक ने सात गवाहों को पेश किया गया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए भोला, कुसुम और हृदय राजभर को दोषमुक्त कर दिया और वही आरोपी श्रीनिवास व राधेश्याम को उपरोक्त सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।